Football Factory of the World: जब भी फीफा वर्ल्ड कप शुरू होता है, दुनिया की नजरें फुटबॉल प्लेयर्स पर होती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिन फुटबॉल से दुनिया के सबसे बड़े मैच खेले जाते हैं, वो आखिर बनती कहां हैं? इसका जवाब जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, दुनिया की करीब 70 प्रतिशत फुटबॉल एक ही शहर में तैयार की जाती हैं. यही वजह है कि इस शहर को “फुटबॉल फैक्ट्री ऑफ द वर्ल्ड” यानी दुनिया की फुटबॉल कैपिटल कहा जाता है.
पड़ोसी देश का शहर
सबसे ज्यादा फुटबॉल बनाने वाला शहर भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में है. उस शहर का नाम है सियालकोट. सियालकोट सिर्फ एक इंडस्ट्रियल सिटी नहीं है, बल्कि खेल से जुड़ी बाकी चीज़ों की भी मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी दुनिया में पहचान बन चुका है. यहां पर तैयार होने वाली फुटबॉल दुनिया के सबसे प्रेस्टीजियस टूर्नामेंट्स से लेकर लोकल स्पोर्ट्स ग्राउंड्स तक पहुंचती हैं.
हाथों की मेहनत
आज के दौर में जहां लगभग हर चीज मशीनों से बनाई जाती है, वहीं सियालकोट में फुटबॉल बनाने की पुरानी आर्ट आज भी जिंदा है. यहां हजारों कारीगर फुटबॉल की सिलाई हाथों से करते हैं. हर बॉल को बहुत ही सावधानी से तैयार किया जाता है. रंग भरने, लोगो लगाने और फिनिशिंग तक हर प्रोसेस में बारीकियों का खास ध्यान रखा जाता है. इसके बाद फुटबॉल को कई क्वालिटी टेस्ट से गुजरना पड़ता है ताकि वो इंटरनेशनल स्टैंडर्स पर खरी उतर सके.
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फीफा से खास रिश्ता
सियालकोट की पहचान सिर्फ बड़े अमाउंट में फुटबॉल बनाने तक लिमिटेड नहीं है. ये शहर दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट, फीफा वर्ल्ड कप, से भी जुड़ा हुआ है. दरअसलस, साल 1982 से फीफा वर्ल्ड कप के लिए इस्तेमाल होने वाली ऑफिशियल मैच बॉल्स को सियालकोट में ही बनाया जाता है. यही वजह है कि इंटरनेशनल स्पोर्ट्स वर्ल्ड में पाकिस्तान के सियालकोट का नाम रिस्पेक्ट के साथ लिया जाता है. दिलचस्प बात ये है कि साल 2026 फीफा वर्ल्ड कप की ऑफिशियल बॉल “ट्रायोंडा” भी सियालकोट में ही तैयार की गई है. इस बॉल के डिजाइन में टूर्नामेंट के 3 होस्ट कंट्री यानी अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा का सिंबल भी डिजाइन किया गया है.
एक कंपनी ने बदली किस्मत
सियालकोट की इस सक्सेस के पीछे फॉरवर्ड स्पोर्ट्स नाम की कंपनी का बड़ा हाथ है. इस ये कंपनी साल 1991 में इंजीनियर ख्वाजा मसूद अख्तर ने शुरू की थी. सिर्फ 50 कर्मचारियों के साथ शुरू हुई ये कंपनी धीरे-धीरे दुनिया की सबसे भरोसेमंद फुटबॉल मेकर कंपनियों में शामिल हो गई. साल 1994 में कंपनी ने एडिडास के साथ पार्टनरशिप की, जिसने इसकी किस्मत पूरी तरह बदल दी. इस कोलैबोरेशन के बाद कंपनी को दुनियाभर की मार्केट तक पहुंच मिली. इसके बाद ये फीफा की सप्लायर बन गई. साल 2014 से कंपनी लगातार फीफा वर्ल्ड कप की ऑफिशियल मैच बॉल्स तैयार कर रही है.
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