Home Latest News & Updates पतंजलि का जलवा : कुल राजस्व में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी 35 फीसदी पहुंची, सालाना बिक्री में 50% का बंपर उछाल

पतंजलि का जलवा : कुल राजस्व में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी 35 फीसदी पहुंची, सालाना बिक्री में 50% का बंपर उछाल

by Sanjay Kumar Srivastava 6 November 2026, 12:35 PM IST
6 November 2026, 12:35 PM IST
पतंजलि का जलवा : कुल राजस्व में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी 35 फीसदी पहुंची, सालाना बिक्री में 50% का बंपर उछाल

Patanjali: पतंजलि ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और इंस्टीट्यूशनल सेल्स (संस्थागत बिक्री) के क्षेत्र में अपने विस्तार को तेज कर रही है. इसका मकसद एक अधिक विविध वितरण नेटवर्क तैयार करना और पारंपरिक रिटेल पर अपनी निर्भरता को कम करना है. कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि उसके ई-कॉमर्स कारोबार (जिसमें क्विक कॉमर्स भी शामिल है) का कुल चैनल रेवेन्यू में लगभग 35 प्रतिशत योगदान है. डिजिटल कारोबार के साथ-साथ, पतंजलि की संस्थागत बिक्री में सालाना आधार पर 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. इससे सामान्य घरेलू खपत के अलावा विस्तार का एक और रास्ता खुल गया है.

ऑनलाइन प्लेटफार्म से राजस्व बढ़ाने की तैयारी

इन दो चैनलों पर जोर देना यह दिखाता है कि कंपनी बढ़ती खपत का फायदा उठाने और अलग-अलग ग्राहक वर्गों के बीच अपने रेवेन्यू बेस को बढ़ाने की कोशिश कर रही है. ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स से बढ़ता योगदान पतंजलि की वितरण प्राथमिकताओं में बदलाव का संकेत है, क्योंकि FMCG कंपनियों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तेजी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं. चूंकि उपभोक्ता अब खरीदारी के तेज और अधिक सुविधाजनक तरीकों को अपना रहे हैं, इसलिए ब्रांड भी ग्राहकों को लुभाने के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं.

नए क्षेत्रों में मजबूत हो रही पकड़

पतंजलि का कारोबार भी विकास के एक प्रमुख कारक के रूप में उभर रहा है. इस सेगमेंट में 50 प्रतिशत की सालाना वृद्धि यह दर्शाती है कि व्यक्तिगत रिटेल खरीदारी के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी कंपनी की पकड़ मजबूत हो रही है. हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस विस्तार में किन श्रेणियों या ग्राहक वर्गों का योगदान है. इन चैनलों पर पतंजलि का फोकस, विभिन्न उत्पाद श्रेणियों और वितरण प्रारूपों में अपने कारोबार को मजबूत करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है.

कंपनी कर रही रणनीतिक विस्तार

कंपनी डिजिटल सेल्स से मिल रहे बढ़ते योगदान का लाभ उठाना चाहती है, साथ ही संस्थागत वितरण को बढ़ाकर विकास के नए अवसर पैदा करना चाहती है. यह रणनीति भारत के FMCG बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपनाई गई है, जहां कंपनियां ग्राहकों तक अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स में भारी निवेश कर रही हैं. ऑनलाइन और संस्थागत चैनलों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाकर, पतंजलि एक ऐसा व्यापक वितरण इकोसिस्टम बनाना चाहती है जो पारंपरिक रिटेल पर कम निर्भर हो और बदलती खपत आदतों के साथ बेहतर ढंग से तालमेल बिठा सके.

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