Home Latest News & Updates Ramayana में रणबीर से भारी पड़े यश! देखने से पहले जान लें कैसी है फिल्म

Ramayana में रणबीर से भारी पड़े यश! देखने से पहले जान लें कैसी है फिल्म

by Preeti Pal 5 November 2026, 3:14 PM IST
5 November 2026, 3:14 PM IST
Ramayana में रणबीर से भारी पड़े यश! रावण के अंदाज ने लूटी महफिल, देखने से पहले जान लें कैसी है फिल्म

Ramayana Review: इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल ‘रामायण: पार्ट 1’ फाइनली सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है. नितेश तिवारी के डायरेक्शन और नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म से ऑडियन्स को काफी उम्मीदें थीं. वजह भी साफ है, भगवान राम की कहानी, करोड़ों लोगों की आस्था और रणबीर कपूर, साई पल्लवी के साथ-साथ यश जैसा बड़ा स्टार. फिल्म को ग्रेंड बनाने में मेकर्स ने कोई कसर नहीं छोड़ी. लेकिन सवाल ये है कि क्या ये ग्रेंडनेस ऑडियन्स के दिल तक पहुंचेगी? अब शुरुआती रिव्यू को देखें तो, ये फिल्म कई तरह से लोगों को इम्प्रेस करती है. हालांकि इसकी स्पीड और कुछ टेक्निकल पहलुओं पर सवाल भी उठ रहे हैं.

रावण की कहानी

फिल्म की कहानी सिर्फ भगवान राम की लाइफ से शुरू नहीं होती, बल्कि रावण के पास्ट और उसके सबसे पावरफुल बनने की जर्नी को भी जगह देती है. यश का कैरेक्टर दशानन यानी रावण तपस्या, महत्वाकांक्षा और अपनी शक्ति के दम पर तीनों लोकों पर कब्जा जमाना चाहता है. उसे ब्रह्मा से वरदान मिलता है और वो लंका का राजा बनकर अपनी ताकत को और बढ़ाता है. दूसरी तरफ भगवान विष्णु राम के रूप में धरती पर अवतार लेते हैं. अयोध्या के राजकुमार राम की जिंदगी, उनके संस्कार, परिवार के लिए प्यार और धर्म के रास्ते पर चलने का संकल्प कहानी को आगे बढ़ाता है. फिल्म में सीता स्वयंवर, राम-सीता विवाह, कैकेयी के वरदान और 14 साल के वनवास जैसे सीन शामिल हैं. वन में सीता हरण के बाद कहानी राम और रावण के बीच होने वाली बड़ी लड़ाई के प्लॉट को तैयार करती है.

कैसा है रणबीर का राम अवतार?

रणबीर कपूर के सामने सबसे बड़ा चैलेंज भगवान राम जैसे पॉपुलर और पूजनीय किरदार को पर्दे पर निभाने का था. यही वजह है कि शुरुआत में वो काफी बैलेंस्ड दिखाई देते हैं. हालांकि, जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, वो श्री राम की पर्सनालिटी में ढलते हुए दिखाई देते हैं. उनके किरदार में मर्यादा, करुणा, धैर्य और रिश्तों के लिए सम्मान साफ दिखाया गया है. वैसे, फिल्म में रणबीर का एक और रूप भी देखने को मिलता है. वो है, परशुराम का. इस रोल में उनका अंदाज काफी शानदार बताया जा रहा है. वहीं, वन के सीन में उनका एक्शन अवतार भी लोगों का ध्यान खींच रहा है.

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत?

अगर फिल्म में किसी एक कैरेक्टर की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, तो वो है यश का रावण. रावण के बनकर यश बहुत ही कमाल के लग रहे हैं. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, आवाज और डायलॉग डिलिवरी इस कैरेक्टर को अलग पहचान देती है. कई लोगों को तो ये भी कहना है कि पर्दे पर यश का रावण रणबीर के राम पर भारी पड़ गया. यानी, यश ने रावण को सिर्फ एक विलेन की तरह पेश करने के बजाय उसके अंदर के घमंड और शक्ति की भूख को भी दिखाने की कोशिश की है.

बाकी कलाकारों का काम

साई पल्लवी ने माता सीता के किरदार में सिंपलीसिटी और इमोशन टच का कॉम्बिनेशन क्रिएट करने की कोशिश की है. शुरुआत में उनका लुक कुछ लोगों को नया लग सकता है, लेकिन एक्टिंग के दम पर वो इस कैरेक्टर से जुड़ती हुई लगती हैं. इसके अलावा रवि दुबे भी लक्ष्मण के रोल में रूप में अच्छी छाप छोड़ते हैं. वहीं अरुण गोविल को राजा दशरथ के रोल में देखना रामानंद सागर की पुरानी रामायण वाली ऑडियन्स के लिए बढ़िया एक्सपीरियंस है. साथ ही सनी देओल हनुमान जी के रोल में नज़र आ रहे हैं. इनके अलावा लारा दत्ता, काजल अग्रवाल, रकुल प्रीत सिंह, अनुपम खेर और दूसरे स्टार्स भी इस कहानी का हिस्सा हैं. इतने सारे और बड़े स्टार्स की मौजूदगी फिल्म को एक बड़ा कैनवास देती है.

अब घर बैठे देखिए Mirzapur का भौकाल, इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई फिल्म, मिलेंगे कुछ अनदेखे सीन

सेट, वीएफएक्स और म्यूज़िक

फिल्म का सबसे बड़ा अट्रैक्शन इसका विजुअल स्केल है. अयोध्या के महल, सोने की लंका, राजदरबार, रथ, हथियार और युद्ध के सीन बड़े पर्दे पर एक अलग दुनिया क्रिएट करते हैं. वीएफएक्स और कंप्यूटर जनरेटेड इमेजरी यानी (CGI) की मदद से पौराणिक दुनिका को मॉर्डन टेक्निक के साथ बेहतरीन तरीके से दिखाया गया है. हंस जिमर और एआर रहमान का म्यूज़िक भी फिल्म के माहौल को ग्रेंड बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ता. बैकग्राउंड स्कोर कई सीन में थ्रिल और इमोशन्स को बढ़ाता है. हालांकि, कुछ जगहों पर विजुअल इफेक्ट्स और स्क्रीन के फ्रेम से जुड़ी छोटी-मोटी कमियां भी फील होती है. लेकिन उन्हें नज़रअंदाज़ किया जा सकता है.

फिल्म की रफ्तार?

फिल्म का एक बड़ा चैलेंज इसकी लंबी और बड़ी कहानी है. हर कैरेक्टर को स्टेबल करने के लिए काफी टाइम दिया गया है. इसी वजह से शुरू के कुछ हिस्सों फिल्म स्लो लग सकती है. कई कैरेक्टर्स का इंट्रोडक्शन और लगातार आने वाले ग्रेंड सीन्स के बीच कहानी अपनी स्पीड पकड़ने में टाइम लेती है. यहां ये कहना सही रहेगा कि, रामायण फिल्म का सेकेंड हाफ ज्यादा अच्छा है. इसके अलावा अच्छी बात ये भी है कि, फिल्म में रामायण के इमोशन्स को बनाए रखते हुए इसे मॉर्डन सिनेमाई अंदाज दिया गया है. इसमें वाल्मीकि और तुलसीदास की रामायण के रेफरेंस के साथ इंडियन आर्ट और संस्कृति की झलक भी महसूस होती है.

देखें या नहीं?

‘रामायण: पार्ट 1’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय महाकाव्य को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में पेश करने की कोशिश है. रणबीर कपूर का राम और यश का दमदार रावण इसकी सबसे बड़ी ताकत है. साई पल्लवी की मौजूदगी, शानदार एक्शन, म्यूज़िक और ग्रेंड सीन इसे थिएटर में देखने लायक बनाते हैं. हालांकि, धीमी शुरुआत और कुछ जगहों पर जरूरत से ज्यादा ग्रेंडनेस दिखाने के चक्कर कहानी का रस फीका पड़ता दिखता है. फिर भी रामायण की कहानी से जुड़े हुए लोगों और बड़े पर्दे पर शानदार विजुअल एक्सपीरियंस पसंद करने वालों के लिए ये फिल्म खास हो सकती है. इसके अलावा अब ऑडियन्स की नजर इसके दूसरे पार्ट पर रहेगी, जिसमें राम और रावण की टक्कर को आगे बढ़ते देखना भी अपने-आप में बढ़िया एक्सपीरियंस होगा.

Nora Fatehi की बढ़ी मुश्किलें! कोर्ट ने फिर भेजा समन, 6 नवंबर को होना होगा पेश

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?