Stock Market Today: दुनियाभर के शेयर बाजारों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली. अमेरिका से लेकर एशिया तक निवेशकों के बीच बेचैनी का माहौल रहा. अमेरिकी टेक कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट और कमजोर एशियाई बाजारों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ने की आशंका थी. हालांकि, घरेलू शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ की. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले, लेकिन बाजार की चाल में ज्यादा दम नजर नहीं आया. यानी हफ्ते के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी 50 करीब 1.60 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,538.20 पर खुला. वहीं, बीएसई सेंसेक्स 103.65 अंक यानी 0.13 प्रतिशत ऊपर 79,413.66 पर पहुंचकर खुला. हालांकि, छोटे और मिडकैप शेयरों में कमजोरी दिखाई दी. निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.87 प्रतिशत और मिडकैप 100 में 0.54 प्रतिशत की गिरावट रही. निफ्टी 100 भी 0.11 प्रतिशत नीचे रहा.
क्यों मची अफरा-तफरी?
अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखी गई. नैस्डैक 5.52 प्रतिशत टूटकर 24,315 पर बंद हुआ. ये पिछले महीने बने अपने रिकॉर्ड लेवल से 10 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ गया, जिसे बाजार की भाषा में करेक्शन कहा जाता है. एसएंडपी 500 में 4.36 प्रतिशत और डाउ जोन्स में 3.44 प्रतिशत की गिरावट रही. इस बिकवाली की एक बड़ी वजह टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर चिंता रही. अमेरिका में डेटा सेंटर पर होने वाले भारी निवेश की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका से टेक शेयरों पर दबाव आया.
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FII खरीदारी बनी सहारा
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, अमेरिकी बाजारों की गिरावट का असर दुनिया के दूसरे बाजारों पर भी पड़ सकता है. हालांकि, भारत पर इसका असर कम रहने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले पांच कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयरों में 35,781 करोड़ रुपये का निवेश किया है. ये खरीदारी घरेलू बाजार को सहारा दे सकती है. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की बिकवाली और मुनाफावसूली से बाजार पर दबाव बना रह सकता है.
कच्चा तेल फिर रॉकेट
सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी 1.32 फीसदी गिरा. प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी, मेटल, फार्मा और पीएसयू बैंक इंडेक्स भी लाल निशान में रहे. वहीं, ऑटो इंडेक्स में मामूली 0.10 प्रतिशत की बढ़त दिखी. कमोडिटी बाजार की बात करें तो ब्रेंट क्रूड 2.37 फीसदी चढ़कर फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. दूसरी तरफ सोना 1.32 प्रतिशत गिरकर 1,42,192 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.78 प्रतिशत टूटकर 1,83,800 रुपये प्रति किलो पर आ गई.
एशियाई बाजारों का हाल
एशिया में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7 फीसदी से ज्यादा और ताइवान का बाजार करीब 8 फीसदी टूट गया. जापान का निक्केई 5.95 फीसदी गिरा, जबकि सिंगापुर और हांगकांग के बाजारों में भी कमजोरी रही. यानी भारतीय बाजार की शुरुआत भले ही हल्की बढ़त के साथ हुई हो, लेकिन वैश्विक बाजारों की उथल-पुथल, कच्चे तेल की महंगाई और विदेशी निवेशकों की चाल पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी.
News Source: ANI
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