Petrol Diesel Price: इस महीने सिर्फ 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है. देश में पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे महंगा हो गया है. जी हां, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बाधित होने से दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर संकट आ गया है. इससे भारत भी अछूता नहीं है. बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों से 7 खास अपील की थी, जिसमें पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल में कटौती करने के लिए उन्होंने सार्वजनिक वाहनों यानी पब्लिक ट्रांसपोर्ट (जैसे, मेट्रो, बस आदि) का इस्तेमाल करने को कहा था.
इस बीच देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बढ़त की गई है. करीब चार साल के लंबे समय के बाद 15 मई को पहली बार इनकी कीमतों को बढ़ाया गया था, लेकिन उसके बाद मात्र 10 दिनों में ही तीन बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी गईं हैं. अब देश के नागरिकों को अपने वाहनों में तेल भरवाने के लिए अपनी जेब को और ढीली करनी पड़ेगी.
दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमत
मिली जानकारी के अनुसार,देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 87 और 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. मतलब कि पहले के मुकाबले अब पेट्रोल-डीजल और भी महंगे मिलेंगे. यह नए भाव आज शनिवार से पूरे देश में लागू हो चुके हैं. राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर से अब 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं, डीजल की कीमत में 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह 91.58 रुपये से बढ़कर अब 92.49 रुपये हो गई है.
10 दिनों में तीन बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
बता दें कि मात्र 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है. करीब 4 साल के बाद पहली बार 15 मई को इनकी कीमतें बढ़ाई गईं थी. इसके बाद से इनकी दरों में यह तीसरी वृद्धि है, जब सरकार के स्वामित्व वाली तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न उच्च ऊर्जा कीमतों को एक सुनियोजित तरीके से उपभोक्ताओं पर डालना शुरू किया था. 15 मई को कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद 19 मई को 90 पैसे की वृद्धि हुई. कुल मिलाकर, कीमतें लगभग 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई हैं.
कच्चे तेल की कीमत में उछाल
पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से दुनिया के एनर्जी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज 28 फरवरी से जारी ईरान और अमेरिका के बीच तनाव रूपी जंग के कारण बाधित हो गया है. इस खास समुद्री मार्ग पर हजारों की संख्या में तेल, गैस लदे जहाज अपने देश को जाने के लिए इंतजार कर रहे हैं. लेकिन ईरान और अमेरिका ने इस क्षेत्र को कई देशों के लिए प्रतिबंधित तो कई के लिए बाधित कर दिया है.
इस तनाव से पहले फरवरी में भारत में आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की औसत कीमत 69 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल (एक बैलर= लगभग 159 लीटर) थी, जो इसके बाद के महीने में 113-114 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई. पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी कर दी है. इस वजह से भी भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह बढ़त की गई है .
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News Source: PTI
