Home Top News लखनऊ में शिया धर्मगुरुओं ने भरी हुंकार! रूमी दरवाजे के पास बनी पार्किंग का किया दौरा; ये है विवाद

लखनऊ में शिया धर्मगुरुओं ने भरी हुंकार! रूमी दरवाजे के पास बनी पार्किंग का किया दौरा; ये है विवाद

by Sachin Kumar 22 May 2026, 3:56 PM IST (Updated 22 May 2026, 4:25 PM IST)
22 May 2026, 3:56 PM IST (Updated 22 May 2026, 4:25 PM IST)
Dispute over parking area Rumi Darwaza Lucknow

Lucknow News : लखनऊ में इमामबाड़ा के हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच मौलाना कल्बे जवाद की अगुवाई में शिया धर्मगुरुओं ने शुक्रवार की नमाज के बाद रूमी दरवाज़े के पास बन रही पार्किंग का दौरा किया. इस मुद्दे पर मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि हम बीते 25 सालों से यह लड़ाई लड़ रहे हैं. हमने डीएम साहब और यहां हो रही गैर-कानूनी गतिविधियों का विरोध किया. लेकिन इस बार हमारी तरफ से किए गए आग्रह के बाद कई उलेमा और दूसरे लोग भी आए. साथ ही हम अपने इस आंदोलन में शामिल होने के लिए उनका स्वागत और धन्यवाद करते हैं.

कोई कमेटी गठित नहीं की गई

उन्होंने आगे कहा कि सच बात यह है कि डीएम साहब यहां जो कर रहे हैं वह सब गैर-कानूनी है. इस कार्य को करने के लिए एक कमेटी गठित की जानी चाहिए और इसका एक चेयरमैन होना चाहिए. लेकिन कमेटी गठित नहीं की गई और जनता को धोखा दिया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि जब एक RTI फाइल की गई तो उसमें डीएम साहब ने लिखित में जवाब दिया कि यह एक प्राइवेट ट्रस्ट है और यही वजह है कि आरटीआई दायरे में नहीं आता है. मौलाना ने कहा कि अब सवाल यह खड़ा होता है कि जब यह प्रॉपर्टी राजाओं ने बनवाई थी और सरकार ने इसको चुना था. साथ ही इस मामले में डीएम को नियुक्त किया है तो फिर यह एक प्राइवेट ट्रस्ट कैसे बन सकता है.

जमीन पर किया जा रहा अवैध कब्जा

मौलाना स्पष्ट ने यह भी कहा कि डीएम साहब अपनी गलतियों को छिपाने के लिए इसे बार-बार प्राइवेट ट्रस्ट कहते हैं. बता दें कि इससे जुड़ा पूरा मामला हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर पार्किंग सुविधा बनाने और पास में ही ‘लजीज गली’ बनाने से जुड़ा है. शिया धर्मगुरुओं का आरोप है कि इस इलाके का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है और उन्होंने दावा किया कि इस जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है.

3 भाषाओं का मुद्दा गरमाया! CBSE की नीति के खिलाफ SC में जल्द होगी सुनवाई; जानें पूरा मामला

बिना इजाजत के बनाई गईं दुकानें

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह बताया कि यह सड़क भी वक्फ की है. साथ ही लजीज गली पूरी तरह से गैर-कानूनी है और गलत तरीके से बनाई गई है. वक्फ ने यह जमीन सिर्फ विकास के लिए दी थी और उसने यह कभी नहीं कहा था कि वहां पर दुकानें बनाई जा सकती हैं. मौलाना ने कहा कि विकास का मतलब यह नहीं होता है कि दुकानें बनाना और उन्हें बेच देना. साथ ही वहां पर जितनी भी दुकानें बनाई गई हैं वह सब गैर-कानूनी और बिना इजाजत के बनाई गई है.

भारत-साइप्रस के बीच रणनीतिक साझेदारीः इन्फ्रास्ट्रक्चर और शिपिंग के लिए बनेगा संयुक्त कार्य बल

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?