Rupee News: पिछले तीन सत्रों में 130 पैसों की मजबूती के बाद आज गुरुवार को रुपये में गिरावट दर्ज की गई है. बाजार खुलते ही भारतीय करेंसी गिरावट के साथ कारोबार करते हुए दिखी. जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और विदेशी बाजार में अमेरिकी करेंसी की तेज मजबूती के चलते गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे गिरकर ट्रेड करते हुए देखा गया.
आज गुरुवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.66 पर खुला. उसके बाद 94.71 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 21 पैसे की गिरावट दर्शाता है. मालूम हो कि बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे मजबूत होकर 94.50 पर बंद हुआ था. आज रुपये की इस मजबूती में गिरावट दर्ज की गई.
रुपये में क्यों आई गिरावट?
एक्सपर्ट और फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.23 के स्तर पर पहुंच गया. यह चार महीने का उच्चतम स्तर है. फेडरल रिजर्व ने व्यापक रूप से अनुमान के मुताबिक ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन संकेत दिया कि इस साल के अंत तक कम से कम एक चौथाई-पॉइंट की ब्याज दर वृद्धि होगी.
वहीं, एक्सपर्ट और फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, “एशियाई करेंसी में भी काफी कमजोरी आई, जिसके चलते आज सुबह रुपये में गिरावट दर्ज की गई. डॉलर के मुकाबले अधिकांश एसेट्स वर्गों में गिरावट आई, जिससे डॉलर की मांग बढ़ी, जबकि एसेट क्लास की पेशकश भी अच्छी रही.”
डॉलर, तेल के साथ घरेलू बाजार का अपडेट
आज डॉलर इंडेक्स, जो छह करेंसियों की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 100.23 पर कारोबार कर रहा था. ग्लोबल ऑयल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.68 प्रतिशत गिरकर 78.21 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
घरेलू शेयर बाजार (भारतीय शेयर बाजार) की बात करें तो, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 111.23 अंक गिरकर 77,044.39 पर आ गया, जबकि निफ्टी 26.85 अंक गिरकर 24,058.85 पर पहुंच गया. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को शुद्ध आधार पर 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
समझौते से बाजार की भावना में सुधार- एक्सपर्ट
व्यापारियों के अनुसार, बाजारों के आशावादी बने रहने के अन्य कारण भी थे. उन्होंने बताया कि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अमेरिका और ईरान ने शत्रुता समाप्त करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए एक समझौता ज्ञापन पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए हैं. वार्ताकारों के शुक्रवार को जिनेवा में मिलने की उम्मीद है.
वहीं, सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा, “समझौते से बाजार की भावना में काफी सुधार हुआ है. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने साथ ही चेतावनी दी है कि अगर ईरान ढांचे का पालन करने में विफल रहता है तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो सकती है.”
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News Source: PTI
