Dollar vs Rupee Today: भारतीय रुपये ने शुक्रवार की सुबह डॉलर के मुकाबले थोड़ी मजबूती दिखाई. लगातार उतार-चढ़ाव के बीच रुपये में आई इस तेजी ने करेंसी मार्केट को कुछ राहत दी है. शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 95.19 के लेवल पर पहुंच गया. हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से रुपये की तेजी सीमित रही. बाजार के जानकारों का कहना है कि डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से रुपये को सहारा मिला है. लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और महंगे कच्चे तेल ने अभी भी चिंता बढ़ा रखी है.
कितना मजबूत हुआ रुपया?
शुक्रवार को इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.21 प्रति डॉलर पर खुला. इसके बाद इसमें हल्की तेजी आई और ये 95.19 के लेवल पर पहुंच गया. इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले रुपये में 7 पैसे की मजबूती देखी गई. इससे पहले गुरुवार को रुपया सीमित दायरे में कारोबार करते हुए 2 पैसे मजबूत होकर 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
रुपये में तेजी की वजह?
मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से रुपये को फायदा मिला. हालांकि, कमजोर एशियाई बाजारों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बड़ी तेजी को रोक दिया. वहीं, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. डॉलर इंडेक्स 0.27 प्रतिशत गिरकर 101.75 पर कारोबार कर रहा था. ये इंडेक्स छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाता है.
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तेल क्यों बढ़ा रहा टेंशन?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चा तेल खरीदता है. ऐसे में तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ सकती है. शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड वायदा कीमत 1.05 प्रतिशत गिरकर 116.09 डॉलर प्रति बैरल रही. हालांकि, ये लेवल अब भी काफी हाई है. यही वजह है कि रुपये में बड़ी मजबूती आने की राह आसान नहीं दिखाई दे रही.
कहां तक जा सकता है रुपया?
फॉरेक्स कारोबारियों के मुताबिक, फिलहाल डॉलर के मुकाबले रुपया 94.75 से 95.75 के दायरे में रह सकता है. कोटक नियो के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी का कहना है कि मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित रखने में भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी. आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट के हालात, अमेरिकी चुनाव और महंगाई के साथ-साथ रोजगार के आंकड़े रुपये की दिशा तय कर सकते हैं.
शेयर बाजार में तेजी
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने भी सकारात्मक शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 138.77 अंक बढ़कर 74,289.81 पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी 38.95 अंक चढ़कर 22,967.10 पर कारोबार करता दिखा. हालांकि, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 943.60 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी
आम आदमी पर असर
रुपये की मजबूती से विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान, विदेशी पढ़ाई और अंतरराष्ट्रीय यात्रा का खर्च कुछ हद तक कम हो सकता है. लेकिन सिर्फ 7 पैसे की तेजी से कीमतों में तुरंत बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने कहा है कि ऊर्जा कीमतों के झटकों से निपटने के लिए रुपये की विनिमय दर में लचीलापन बनाए रखना जरूरी है. फिलहाल निवेशकों और आम लोगों की नजर डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है.
News Source: ANI
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