Israel Election: इजरायल में संसदीय चुनाव के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है. दरअसल, इजरायल के चुनाव समिति के अध्यक्ष ने खुफिया एजेंसी शिन बेट को चुनाव में विदेशी फंडिंग के आरोपों की जांच करने का आदेश दिया है. वहीं, पुलिस ने भी गुरुवार को घोषणा की कि वह चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूरी सतर्कता बरतेगी. पुलिस उप-आयुक्त डैनी लेवी ने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता से जुड़ी हर शिकायत और अपराध के हर संदेह की गहन जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसी को भी चुनाव की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
पुलिस ने की कुछ गिरफ्तारियों की घोषणा
चुनाव में फंडिंग को लेकर लगे आरोपों की जांच के बीच पुलिस ने कुछ लोगों की गिरफ्तारी की भी घोषणा की. पुलिस ने बताया कि चुनाव के दिन सुबह दक्षिण से तीन संदिग्धों को चुनावी रिश्वतखोरी के संदेह में गिरफ्तार किया गया. इसके बाद जांच फाइल ‘लाहाव 433’ को सौंपने का फैसला लिया और इसी दौरान चार अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. मंगलवार को हुए चुनावों में विदेशी फंडिंग के आरोपों की जांच के इजरायल चुनाव समिति के फैसले ने यरुशलम में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है.
लिकुड पार्टी ने इस फैसले को भूकंप बताया
इजरायल में मंगलवार को हुए चुनावों में विदेशी फंडिंग के आरोपों की जांच के इजरायल चुनाव समिति के फैसले ने यरुशलम में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है. लिकुड पार्टी के प्रमुख और मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस फैसले को भूकंप करार दिया. साथ ही उन्होंने जायोनी पार्टियों से अरब पार्टियों के साथ किसी भी तरह का गठबंधन न करने की अपील की है. अपनी पार्टी का एक बयान साझा करते हुए नेतन्याहू ने लिखा कि राआमगेट (Ra’amgate) मामला एक भूकंप की तरह है और उन्होंने इजरायल में चुनाव चुरा लिए हैं! जज सोलबर्ग का यह बयान कि विदेशी ताकतों ने हस्तक्षेप किया और अरब पार्टियों के पक्ष में वोटरों को रिश्वत दी. यह एक ऐसा झटका है जो पहले कभी नहीं लगा. यह लोकतंत्र पर हमला है, जिसका मकसद नेसेट पर विदेशी ताकतों का कब्जा कराना है. इसके अलावा इजरायल का इस्लामीकरण करना और दक्षिणपंथी शासन को उखाड़ फेंकना है.
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वोट खरीदते हैं पैसे देकर
नेतन्याहू ने कहा कि यह लोग पैसे देकर वोट खरीदते हैं और नेसेट स्पीकर बदल देते हैं. साथ ही एक ऐसी सरकार बनाने की कोशिश करते हैं जो इजरायल के लिए खतरनाक है. हम मांग करते हैं कि शिन बेट और पुलिस तुरंत हरकत में आए और उपलब्ध सभी साधनों का इस्तेमाल करके इन अपराधों की जांच करें. इसी बीच इजरायल के मौजूदा वित्त मंत्री और रिलिजियस जायोनिज्म पार्टी के अध्यक्ष बेजलेल स्मोट्रिच ने अरब पार्टियों के प्रमुखों से पूछताछ करने की मांग की. लिकुड के नेतृत्व वाले गठबंधन में अहम भूमिका निभाने वाले स्टोट्रिच ने कहा कि विदेशी इस्लामी पैसे से चुनाव में दखलंदाजी का शक इजरायली राज्य के लिए एक बड़ी परीक्षा है. शिन बेट को आज ही अरब पार्टियों के प्रमुखों से पूछताछ करनी चाहिए.
अरब पार्टियों के नेताओं की गिरफ्तारी की मांग उठी
वहीं, मौजूदा राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री और ओत्जमा येहुदित पार्टी के अध्यक्ष इतामार बेन ग्विर ने भी यही बात दोहराई. उन्होंने अरब पार्टियों के नेताओं की गिरफ्तारी की मांग की और आरोप लगाया कि इसमें कतर का पैसा भी शामिल है. उन्होंने कहा कि शिन बेट को आज सुबह ही उन अरब पार्टी नेताओं को गिरफ्तार करने का आदेश देना चाहिए. साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य सभी संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए, जिनमें मुस्लिम ब्रदरहुड और उसे जुड़े संगठन के लोग शामिल हैं.
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News Source: ANI
