Rupee vs Dollar: पश्चिम एशिया में तनाव के कम होने की संभावनाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट देखी जा रही है. इसकी गिरावट से भारतीय करेंसी रुपये को फायदा होता दिखा है. इसका असर आज सोमवार को बाजार की शुरुआत में भी दिखा है.
जी हां, आज सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे की तेजी दिखी. हालांकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और निवेशकों की जोखिम लेने की कमजोर प्रवृत्ति ने बाजार की भावनाओं पर दबाव डाला. आइए जानते हैं कि रुपये की क्या चाल है और इसपर एक्सपर्ट क्या कहते हैं.
94.25 पर कारोबार करते हुए दिखा रुपया
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे बढ़कर 94.25 पर पहुंच गया. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.36 पर खुला, फिर तेज गति से 94.25 तक पहुंच गया, जो अपने पिछले निचले स्तर से 20 पैसे की बढ़त दर्ज करता है.
बता दें कि गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.45 पर स्थिर हुआ था.
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
जानकार और विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि तेल की कीमतों में मजबूती और विदेशी निवेश में सुधार के चलते रुपये की शुरुआत मजबूत रही. उन्होंने कहा कि रुपये के लिए पूरा रुझान पॉजिटिव बना हुआ है. हालांकि, फिलहाल दिक्कत अमेरिकी डॉलर है, जो 13 महीनों के हाई लेवल के करीब स्थिर बना हुआ है.
वहीं, एक्सपर्ट और सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा, “मजबूत अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के जोखिम के बीच रुपये पर दबाव बना रह सकता है. हालांकि, बॉन्ड निवेश से कुछ हद तक समर्थन मिल सकता है.” उन्होंने आगे कहा, ” तकनीकी रूप से, 93.50-94.10 एक मजबूत समर्थन क्षेत्र है, जबकि 94.80 से ऊपर का ब्रेकआउट 95.30-95.50 की ओर जा सकता है.”
72 डॉलर प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमत
एक्सपर्ट पबारी ने कहा, “ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग 72 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जो चार महीनों में सबसे कम है. एक सप्ताह में इसमें 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है.” उन्होंने कहा, ” होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकर फिर से बिना किसी रुकावट के गुजर रहे हैं और खाड़ी देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य हो रही है. कच्चे तेल का अधिकांश हिस्सा आयात करने वाले देश के लिए इसका मतलब है आयात बिल में कमी और डॉलर की मांग में नरमी.”
News Source: PTI
