Rupee vs Dollar: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए बीते दिनों शांति समझौते का ऐलान हुआ था. 19 जून को दोनों ही देश स्विट्जरलैंड में इस डील पर साइन करेंगे. इसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समेत तमाम परेशानियों का अंत हो जाएगा. शांति समझौते के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई. इसके अलावा घरेलू शेयर बाजार में तेजी दिखी और विदेशी निवेशकों के भी लौटने की उम्मीद काफी बढ़ गई.
इस बीच भारतीय करेंसी को लेकर अच्छी खबर है. जी हां, आज लगातार तीसरे कारोबारी सत्र की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मजबूती दिखी है. इसमें बीते तीन दिनों में 130 पैसों की तेजी दिखी है.
31 पैसे मजबूत होकर 94.29 पर पहुंचा रुपया
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, आज बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे मजबूत होकर 94.29 पर पहुंच गया. इसकी वजह यह भी है कि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने उच्च स्तर से और नीचे आ गए. आज अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.46 पर खुला. उसके बाद 94.29 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 31 पैसे की बढ़त दर्शाता है. बता दें कि मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे गिरकर 94.60 पर बंद हुआ था.
रुपये का रुख बदल गया है- एक्सपर्ट
जानकार और विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि रुपये की शुरुआत सकारात्मक रही क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग 79 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई है. यह तीन महीने का निचला स्तर है. उन्होंने बताया कि बाजार अमेरिका-ईरान समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद कर रहे हैं.
वहीं, एक्सपर्ट और सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा, “रुपये का रुख बदल गया है. ऊपर की ओर, 95.00-95.30 अब USDINR के लिए एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन है. मजबूत विदेशी पूंजी इनफ्लो की उम्मीदों और USDINR के 94.80 के स्तर से नीचे निर्णायक रूप से टूटने के साथ, यह जोड़ी आने वाले दिनों में धीरे-धीरे 94.00-93.80 क्षेत्र की ओर बढ़ सकती है.”
पबारी ने आगे कहा कि 19 जून को जिनेवा में अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर होना सबसे महत्वपूर्ण घटना है. उन्होंने कहा, “तब तक, आर्थिक सुधार वास्तविक है लेकिन अभी स्थिति पूरी तरह से स्थिर नहीं है.”
जिनेवा में अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर
बता दें कि 19 जून को जिनेवा में अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर होना है. इसको लेकर दोनों देशों के प्रतिनिधि स्विट्जरलैंड जाएंगे. बीते दिनों अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वैंस शुक्रवार को स्विट्जरलैंड जाएंगे. वे ईरान के साथ शांति समझौते पर व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर करने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.
वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप और वैंस दोनों ने ईरान के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप से फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
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News Source: PTI
