Shivsena UBT Split: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर टूट-फूट का शोर मच रहा है. शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद शिंदे गुट में जाने को तैयार हैं. शिवसेना (UBT) ने अपने सासंदों को नई दिल्ली में होने वाली मीटिंग में शामिल होने के लिए व्हिप जारी किया है. सूत्रों के मुताबिक, जो सांद मीटिंग में शामिल नहीं होंगे, उनके खिलाफ पार्टी डिसक्वालिफिकेशन की कार्रवाई शुरू कर सकती है. पिछली बार शिवसेना ने ऐसा ही व्हिप तब जारी किया था जब महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे की लीडरशिप में 39 MLA ने 2022 में शिवसेना लीडरशिप के खिलाफ बगावत की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ डिसक्वालिफिकेशन की कार्रवाई शुरू की गई थी.
इस बीज संजय राउत ने बागी सांसदों पर हमला करते हुए कहा है कि इन्हें 15 करोड़ में खरीदा गया है, लेकिन इनकी कीमत 50,000 रुपए की भी नहीं है. इससे यह साफ हो गया है कि छह सांसदों ने बगावत कर दी है और वे शिंदु गुट में शामिल हो सकते हैं.
बागी सांसदों को एडवांस मिले 15 करोड़
राउत ने मंगलवार देर रात दावा किया कि “महाराष्ट्र से MPs खरीदने” के लिए “15 करोड़ रुपये का एडवांस” दिया जा रहा है. इस पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी तंज किया. उन्होंने लिखा, सिर्फ ₹15 करोड़? सस्ते में क्यों जा रहे हैं? यकीन मानिए हमारे सांसद एडवांस में ₹4 करोड़ और अगले 36 महीनों के लिए हर महीने ₹1 करोड़ की डील में गए हैं. इस पर संजय राउत ने दोबारा जवाब देते हुए लिखा, ‘नहीं नहीं महुआ जी, मिनिमम सपोर्ट प्राइस हर MP के लिए ₹50 करोड़ तय है’ (पचास खोके). ₹15 करोड़ तो बस एडवांस है. सच कहूं तो, ये लोग ₹50,000 के भी लायक नहीं हैं. उनकी कीमत सिर्फ शिवसेना और TMC ब्रांड लेबल की वजह से बढ़ी है.
Apna Sapna Money Money!
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 17, 2026
No no — Mahua ji,the Minimum Support Price is fixed at ₹50 crore per MP.(पचास खोके)
₹15 crore is just the advance.
Frankly, these people aren’t even worth ₹50,000.
Their price has only gone up because of the Shiv Sena and TMC brand label. https://t.co/Srzjgg4DkX
ऑपरेशन टाइगर के तहत की गई बगावत
शिवसेना (UBT) लीडर संजय राउत दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. उन्होंने ने X पर एक पोस्ट में पार्टी लीडरशिप के खिलाफ बगावत करने की प्लानिंग करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा, “हर चीज का हिसाब लिया जाएगा.” उन्होंने कहा, “एक चार्टर्ड फ्लाइट नांदेड़ में उतरती है और ऑपरेशन टाइगर के नाम पर दो MPs को लेकर उड़ जाती है. उनके पास ऑटोरिक्शा में सफर करने का भी जरिया नहीं था. ठाकरे परिवार की वजह से ही उनकी कीमत चार्टर्ड प्लेन में उड़ने लायक बढ़ी है.”
मीटिंग में हुआ मतभेद
14 जून को मातोश्री में सांसदों की एक मीटिंग बुलाई गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नौ में से सिर्फ पांच सांसद ही ऑनलाइन मीटिंग में शामिल हुए. मीटिंग के दौरान, उद्धव ठाकरे ने कथित तौर पर साफ-साफ कहा कि जो कोई भी पार्टी छोड़ना चाहता है, तो छोड़ सकता है. इस मैसेज ने पहले से ही अंसतुष्ठ सांसदों को और नाराज कर दिया. संजयराउत ने कहा है कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है और उनसे बागी सांसदों को मान्यता न देने की अपील की है.
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News Source: PTI
