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Delhi की हवा बनी ‘जहर’! AQI 482 पर पहुंचा, इन इलाकों में सांस लेना भी हुआ मुश्किल

by Preeti Pal 5 November 2026, 8:52 AM IST
5 November 2026, 8:52 AM IST
दिल्ली की हवा बनी ‘जहर’! AQI 482 पर पहुंचा, इन इलाकों में सांस लेना भी हुआ मुश्किल

Delhi AQI: दिल्ली में सर्दियों की दस्तक के साथ ही प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. राजधानी की हवा एक बार फिर बहुत खराब स्थिति में पहुंच गई है. गुरुवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 दर्ज किया गया. सुबह 8:01 बजे सामने आए इस आंकड़े ने चिंता बढ़ा दी है. कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा रहा कि हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के सात मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया. पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा 446 AQI रिकॉर्ड हुआ. इसके बाद नरेला में 434, रोहिणी में 431, आरके पुरम में 416, बवाना में 412, दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में 408 और पटपड़गंज में 405 AQI दर्ज किया गया.

इन इलाकों की हालत भी नहीं अच्छी

राजधानी के कई दूसरे इलाकों में भी हवा की हालत अच्छी नहीं रही. ओखला फेज-2 और इंडिया गेट में AQI 399 रहा. वहीं, आईटीओ में 397 और द्वारका सेक्टर-8 में 396 दर्ज किया गया. चांदनी चौक में ये आंकड़ा 356 और वसुंधरा एन्क्लेव में 330 रहा. वहीं, आनंद विहार में AQI 293 और मौसम विभाग के लोदी रोड स्टेशन पर 268 रिकॉर्ड किया गया. यानी ये इलाके खराब श्रेणी में रहे.

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अब भी प्रदूषण बरकरार

हवा की बिगड़ती स्थिति के बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि केंद्र सरकार प्रदूषण पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) हवा की दिशा, रफ्तार और मौसम से जुड़ी परिस्थितियों की निगरानी कर रहा है. इन आकलनों के आधार पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. मंत्री के मुताबिक, इस बार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में पहले के मुकाबले कमी आई है. उन्होंने बताया कि धान की करीब 40 प्रतिशत पराली का इस्तेमाल एक्स-सीटू मैनेजमेंट के तहत किया गया है. यानी पराली को खेत में जलाने के बजाय दूसरे उपयोगों में लगाया गया है.

क्यों नहीं सुधर रही हवा?

पराली जलाने की घटनाओं में कमी के बावजूद दिल्ली की हवा में सुधार नहीं दिख रहा है. इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि मौसम की परिस्थितियां प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करती हैं. हवा की दिशा और रफ्तार के आधार पर आयोग लगातार जरूरी कदम उठा रहा है. फिलहाल दिल्ली के लोगों के लिए साफ हवा का इंतजार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में, प्रदूषण के इस स्तर पर खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

News Source: ANI

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