Stock Market Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन भी राहत लेकर नहीं आया. एक्सपायरी के दिन बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा. निफ्टी लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 24,200 के नीचे बंद हुआ. महंगा कच्चा तेल, कमजोर ग्लोबल संकेत और मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव निवेशकों के लिए चिंता का बड़ा कारण बने रहे. कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 492.70 अंक यानी 0.63 फीसदी टूटकर 77,235.46 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 132.75 अंक यानी 0.55 फीसदी की गिरावट के साथ 24,154.90 पर पहुंच गया. दिन के आखिरी हिस्से में सेंसेक्स करीब 493 अंक तक लुढ़क गया था. यानी बाजार में मंगलवार को भी बुल्स की जगह बेयर्स का दबदबा रहा.
लगातार छठे दिन फिसलन
निफ्टी की लगातार 6 ट्रेडिंग सेशन की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. सोमवार को भी सेंसेक्स 281.09 अंक गिरकर 77,728.16 और निफ्टी 78.35 अंक टूटकर 24,287.65 पर बंद हुआ था. अब मंगलवार की गिरावट के बाद बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो निचले स्तरों पर खुद को संभाल पाए. खासकर 24,200 का स्तर टूटने के बाद निवेशक की चिंता और बढ़ चुकी है.
महंगा तेल बना सिरदर्द
इस समय बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमत है. ब्रेंट क्रूड 0.17 फीसदी बढ़कर करीब 91.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. मिडिल ईस्ट में तनाव और अमेरिका ईरान के बीच अस्थायी संघर्ष विराम खत्म होने के बाद बाजार में डर बढ़ा है. वैसे भी, भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर निवेशकों की चिंता बढ़ जाती है. महंगा तेल महंगाई और कंपनियों की लागत दोनों पर असर डाल सकता है. ऐसे में बाजार फिलहाल तेल की हर छोटी-बड़ी चाल को काफी ध्यान से देख रहा है.
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IT शेयरों पर भी दबाव
मंगलवार को IT शेयरों ने बाजार की गिरावट को और बढ़ाया. एशियन पेंट्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, टीसीएस और हिंदुस्तान यूनिलीवर आज काफी कमजोर दिखे. IT सेक्टर पर दबाव की एक वजह ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंता भी है. अगर लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो वैश्विक कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च को लेकर ज्यादा सावधानी बरत सकती हैं. इसका असर भारतीय IT कंपनियों की ग्रोथ पर पड़ने की आशंका रहती है.
इन शेयरों ने संभाला मोर्चा
पूरे बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई. एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे. यानी बाजार पूरी तरह एक रंग में नहीं रंगा था. कुछ सेक्टर और शेयरों में निवेशकों की खरीदारी जारी रही. वहीं, दूसरे हिस्सों में बिकवाली हावी रही.
ग्लोबल मार्केट का नहीं मिला साथ
एशियाई बाजारों में भी मंगलवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्की 225 गिरकर बंद हुए. शंघाई का SSE कम्पोजिट और हांगकांग का हेंग सेंग मामूली बढ़त के साथ बंद हुए. यूरोपीय बाजारों में भी तस्वीर मिली-जुली रही. इससे पहले सोमवार को अमेरिकी बाजार भी लाल निशान में बंद हुए थे. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कमजोर वैश्विक संकेतों ने भारतीय इक्विटी बाजार में रिस्क वाला माहौल बनाए रखा.
FII की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने सोमवार को 2,535.10 करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी बेची. विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे तेल का दबाव बाजार के लिए डबल चुनौती बन गया है. फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों के रुख पर रहेगी.
News Source: PTI
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