Home Top News पुलिस की ज्यादतियों के आरोपों की जांच करेगी उच्च स्तरीय कमेटी, SC का आदेश; जानें क्या बोली CJP?

पुलिस की ज्यादतियों के आरोपों की जांच करेगी उच्च स्तरीय कमेटी, SC का आदेश; जानें क्या बोली CJP?

by Sachin Kumar 18 August 2026, 4:40 PM IST
18 August 2026, 4:40 PM IST
SC High-level committee allegations police excesses

Jantar Mantar: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी. इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश करेंगे. 20 मार्च को दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए थे. अब शीर्ष अदालत ने उस दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज को समिति को सौंपने का निर्देश दिया है. कमेटी इन सभी फुटेज की जांच कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेगी.

महिलाओं को जाएगी प्राथमिकता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समिति में एक पूर्व न्यायाधीश और एक रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक (DGP) भी होंगे. इसके अलावा सीबीआई के पूर्व निदेशक और अन्य सदस्य भी शामिल किए जाएंगे. हालांकि, कोर्ट उन सभी नामों की घोषणा नहीं की. साथ ही समिति महिला प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाए जाने को लेकर जांच करेगी.

सुनवाई के दौरान क्या बोला SC?

CJI सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी. मेहना की बेंच ने कहा कि अन्य सदस्यों के बारे में विभिन्न पक्षों से सुझाव लेने के बाद उसके गठन का आदेश बुधवार को जारी किया जाएगा. पीठ ने यह भी कहा कि 20 जुलाई को हुई हिंसा के दौरान वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग समिति को सौंपने का निर्देश देगी. इसके बाद इन सभी फुटेज की गहन जांच करेगी.

क्या SC करेगा विशेष शक्तियां का इस्तेमाल

वहीं, सुनवाई के दौरान केंद्र की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के बारे में जानकारी देने का निर्देस दिया है. खासकर उन FIR का, जिन्हें रद्द किया जा सकता है. कोर्ट के निर्देश से ऐसा लगता है कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर सकती हैं.

जानें क्या बोली सीजेपी?

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ न्याय तभी होगा जब हाई पावर्ड कमेटी बनेगी. उन्होंने कहा कि जितने भी प्रदर्शनकारी और यंग जनरेशन है उनकी मांग है कि कोर्ट जिस उच्च स्तरीय कमेटी को बनाएगी. वह पूरी तरह स्वतंत्र होनी चाहिए. उसमें जिन लोगों को शामिल किया जाएगा उनका स्टैंडर्ड बहुत हाई होना चाहिए. साथ ही उन लोगों का जो अतीत है उनमें भी यह प्रतीत होना चाहिए कि वह काफी हद तक स्वतंत्र काम कर चुके हैं. उन्होंने आगे कहा कि अगर आप लोग ऐसे लोगों को कमेटी में शामिल करेंगे कि जिन पर पहले से ही प्रश्न चिह्न लगा हुआ है, तो हम उसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेंगे.

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News Source: PTI

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