Home Top News दिल्ली एयरपोर्ट का होगा मेगा विस्तारः मौजूदा 106 मिलियन यात्री क्षमता में होगी भारी बढ़ोतरी

दिल्ली एयरपोर्ट का होगा मेगा विस्तारः मौजूदा 106 मिलियन यात्री क्षमता में होगी भारी बढ़ोतरी

by Sanjay Kumar Srivastava 16 August 2026, 5:37 PM IST (Updated 16 August 2026, 5:39 PM IST)
16 August 2026, 5:37 PM IST (Updated 16 August 2026, 5:39 PM IST)
दिल्ली एयरपोर्ट का होगा मेगा विस्तारः मौजूदा 106 मिलियन क्षमता में होगी भारी बढ़ोतरी

Delhi Airport: दिल्ली एयरपोर्ट अपनी सालाना यात्री क्षमता को बढ़ाकर 12.5 करोड़ करने की योजना बना रहा है. इससे यात्रियों की सुविधाओं में काफी बढ़ोतरी होगी. प्रस्तावित दस-वर्षीय मास्टर प्लान के तहत दिल्ली एयरपोर्ट अपनी सालाना यात्री क्षमता को मौजूदा 106 मिलियन से बढ़ाकर 125 मिलियन करने की योजना बना रहा है. मास्टर प्लान के तहत विस्तार के हिस्से के तौर पर DIAL अप्रैल 2030 तक टर्मिनल 3 (T3) पर 10 मिलियन की क्षमता वाला ‘पियर E’ बनाने का भी प्रस्ताव कर रहा है. फिलहाल टर्मिनल 4 बनाने या ऑटोमैटिक पैसेंजर मूवर (APM) बनाने के बारे में कोई पक्का फैसला नहीं लिया गया है.

DIAL करता है IGIA का संचालन

राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) का संचालन दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) करता है. देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट IGIA में तीन टर्मिनल T1, T2 और T3 हैं. इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन सिर्फ T3 से होता है. सूत्र ने PTI को बताया कि 2036 तक के 10 साल के मास्टर प्लान को स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा. पहले चरण में अप्रैल 2030 तक सालाना यात्री क्षमता को बढ़ाकर 116 मिलियन करने का प्रस्ताव है. सूत्र ने कहा कि 2032 तक इस क्षमता को और बढ़ाकर 125 मिलियन कर दिया जाएगा. अभी एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता 106 मिलियन है, जो तीनों टर्मिनलों में बंटी हुई है. T1, T2 और T3 पर क्षमता क्रमशः 42 मिलियन, 14 मिलियन और 50 मिलियन है. T3 पर डोमेस्टिक क्षमता 19 मिलियन और इंटरनेशनल क्षमता 31 मिलियन है. अभी T3 में चार पियर हैं.

पियर C से अब अंतरराष्ट्रीय उड़ान

पियर A और B इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के लिए हैं, जबकि C और D डोमेस्टिक ऑपरेशन्स के लिए हैं. पियर C को अब इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के लिए बदल दिया गया है. T3 पर अप्रैल 2030 तक ‘पियर E’ बनाया जाएगा. आमतौर पर एयरपोर्ट पर ‘पियर’ मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग से जुड़ी एक लंबी और संकरी संरचना या ट्रांसफर सुविधा होती है, जिससे यात्री एयरोब्रिज का इस्तेमाल करके विमान में चढ़ सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि अभी कोई तुरंत योजना तो नहीं है, लेकिन मास्टर प्लान में APM (ऑटोमेटेड पीपल मूवर) सिस्टम के लिए 7.5 किलोमीटर का रास्ता तय किया जाएगा.

T2 को T4 में बदलने पर विचार

पहले योजना यह थी कि यात्रियों को T1 और बाकी दो टर्मिनलों के बीच आसानी से आने-जाने की सुविधा देने के लिए एयरपोर्ट पर ‘डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर’ मॉडल के तहत एक एलिवेटेड और ज़मीन के स्तर वाला सिस्टम बनाया जाए. T4 के बारे में सूत्रों ने कहा कि यात्रियों की संख्या के आधार पर, अगर ज़्यादा क्षमता की ज़रूरत पड़ी, तो T2 को T4 में बदलने पर विचार किया जा सकता है. GMR ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम DIAL द्वारा संचालित दिल्ली एयरपोर्ट पर जुलाई में 60 लाख (6 मिलियन) यात्रियों का आवागमन हुआ, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 3.7 प्रतिशत ज़्यादा है. मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में जुलाई तक यात्रियों की संख्या 2.64 करोड़ (26.4 मिलियन) रही.

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News Source: PTI

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