Stock Market Updates: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 28 सितंबर को हफ्ते की शुरुआत जोरदार गिरावट के साथ की. बाजार खुलते ही निवेशकों की टेंशन बढ़ गई. निफ्टी 50 ने 23,000 का लेवल तोड़ दिया. वहीं, सेंसेक्स देखते ही देखते करीब 1,000 अंक तक फिसल गया. कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, रुपये की कमजोरी, अमेरिका में बढ़ती बॉन्ड यील्ड और महीने के अंत में होने वाली एक्सपायरी ने बाजार का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया. शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 करीब 215 अंक यानी 0.93 प्रतिशत गिरकर 22,925.50 पर पहुंच गया. वहीं, सेंसेक्स 665.36 अंक यानी 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,230.38 पर दिखा. निफ्टी ने 23,064.90 के लेवल से दिन की शुरुआत की थी और शुरुआती दौर में 23,080.25 तक पहुंचा. हालांकि, इसके बाद बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि इंडेक्स 22,914.10 तक फिसल गया.
महंगा तेल बना सिरदर्द
करीब 11 बजे तक सेंसेक्स की गिरावट बढ़कर 1,030 अंक से ज्यादा हो गई. ये 72,865.57 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी भी 320 अंक टूटकर 22,820.45 पर आ गया. बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ती गई. करीब 2,574 शेयर गिरावट में थे, जबकि लगभग 1,214 शेयरों में तेजी दिखाई दी. वैसे, भारतीय बाजार के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमत है. सोमवार को कच्चा तेल करीब 106.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. यानी इसमें 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही. मिडिल ईस्ट में तनाव ने तेल की कीमतों को ऊपर धकेला है. महंगा कच्चा तेल भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ाता है. इससे आयात बिल बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव आ सकता है. यही वजह है कि निवेशक फिलहाल ज्यादा सावधानी बरतते नजर आ रहे हैं. इसके अलावा बाजार की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि मंगलवार को निफ्टी और बैंक निफ्टी की महीने के अंत की एक्सपायरी है. एक्सपायरी के दौरान अक्सर शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.
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IT ने संभाला मोर्चा
सोमवार को लगभग सभी बड़े सेक्टर लाल निशान में नजर आए. निफ्टी प्राइवेट बैंक में करीब 1.02 प्रतिशत की गिरावट रही. PSU बैंक 0.95 प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विसेस 0.93 प्रतिशत, मेटल 0.93 प्रतिशत और FMCG 0.89 फीसदी नीचे रहे. इस गिरते बाजार में निफ्टी IT अकेला ऐसा सेक्टर रहा जिसने हल्की मजबूती दिखाई. इसमें करीब 0.05 फीसदी की तेजी रही. निफ्टी के शेयरों में डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़, TCS और SBI लाइफ शुरुआत में बढ़त बनाने वालों में शामिल रहे. दूसरी तरफ, हिंडाल्को, मैक्स हेल्थकेयर और अदानी एंटरप्राइजेज पर दबाव दिखाई दिया.
इन शेयरों पर भी पड़ी मार
गिरावट का असर कई और बड़े शेयरों पर भी दिखा. कोचीन शिपयार्ड करीब 2.03 प्रतिशत गिरकर 1,349 रुपये पर आ गया. अपोलो टायर्स में करीब 2.01 फीसदी की गिरावट रही और ये 392.05 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा. मारुति सुज़ुकी इंडिया का शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर 11,970 रुपये तक पहुंच गया. कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया भी करीब 2.02 प्रतिशत गिरा. कल्याण ज्वैलर्स इंडिया के शेयर में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली.
रुपये और सोने का हाल
शेयर बाजार की कमजोरी के बीच भारतीय रुपया भी दबाव में रहा. रुपया 13 पैसे कमजोर होकर 95.95 रुपये प्रति डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा. डॉलर इंडेक्स भी मजबूत होकर 101.15 के करीब पहुंच गया. दिलचस्प बात ये है कि बाजार में जहां तेल की कीमत बढ़ी, वहीं सोने में गिरावट देखने को मिली. स्पॉट गोल्ड करीब 1.5 फीसदी नीचे आया. महंगे तेल से महंगाई बढ़ने की चिंता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका ने सोने पर दबाव बनाया.
News Source: ANI
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