US on Pakistan Role: पाकिस्तान, जो ईरान और अमेरिका युद्ध में समझौता करवा कर शांतिदूत बनना चाहता था, अब खुद ही अमेरिका के निशाने पर है. डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी, सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मीडिएटर के तौर पर पाकिस्तान की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है. इजराइल के प्रति इस्लामाबाद की दुश्मनी का हवाला देते हुए, उन्होंने इसकी भूमिका को “प्रॉब्लमैटिक” बताया.
प्रॉब्लमैटिक से ज्यादा है पाकिस्तान
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के साथ अमेरिका की लड़ाई में मीडिएटर के तौर पर पाकिस्तान के रोल को “प्रॉब्लमैटिक” बताया. ग्राहम ने X पर एक पोस्ट में कहा, “मुझे काफी समय से यह साफ दिख रहा है कि मीडिएटर के तौर पर पाकिस्तान प्रॉब्लमैटिक से कहीं ज्यादा है. इजराइल के प्रति उनकी दुश्मनी पुराने समय से है.” उन्होंने पाकिस्तान से डोनाल्ड ट्रंप की US-ईरान लड़ाई में मीडिएटर्स से अकॉर्ड्स में शामिल होने की अपील का जवाब देने को कहा.
It has been apparent to me for quite a while that Pakistan as a mediator is more than problematic. Their animosity towards Israel is long standing.
— Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) May 26, 2026
It is undeniable that Iranian military aircraft are being housed on Pakistani air bases and past rhetoric from the highest… https://t.co/ksLqpw4ZQ4
ग्राहम की यह बात तब आई जब पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने कहा कि वे वह इस्लामाबाद के अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं, जो इजराइल और अरब देशों के बीच डिप्लोमैटिक, इकोनॉमिक और सिक्योरिटी रिलेशन बनाने से जुड़ा है.
क्या बोले ख्वाजा आसिफ
पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने अब्राहम अकॉर्ड्स के बारे में कहा, “पर्सनली, मुझे नहीं लगता कि हमें ऐसे किसी भी एग्रीमेंट में शामिल होना चाहिए जो हमारी बुनियादी सोच से अलग हो.” इजराइल के साथ बातचीत के भरोसे पर सवाल उठाते हुए, पाकिस्तानी डिफेंस मिनिस्टर ने कहा, “आप ऐसे लोगों के साथ कैसे बैठ सकते हैं जिनकी बातों पर एक दिन भी भरोसा नहीं किया जा सकता? हमारी पोजीशन बहुत साफ है. हम इसे नहीं मानते.” ख्वाजा आसिफ ने कहा, “हमारे पासपोर्ट पर, हम अकेले ऐसे देश हैं जिनके पासपोर्ट पर इजराइल का नाम तक नहीं है.”
‘समझौते में शामिल होने का जवाब दे पाकिस्तान’
साउथ कैरोलिना के सीनेटर ने कहा, “रक्षा मंत्री के अब्राहम समझौते पर कमेंट्स के बारे में, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान कभी शामिल नहीं होगा क्योंकि उन्हें इजराइल पर भरोसा नहीं है. यह क्लिप एक साल पुरानी हो सकती है, लेकिन मुझे डर है कि यह भावना नई है.” ग्राहम ने आगे कहा, “इस मामले में, यह जरूरी है कि पाकिस्तान अब प्रेसिडेंट ट्रंप के अब्राहम समझौते में शामिल होने के अपील का जवाब दे.” सीनियर रिपब्लिकन नेता ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ईरानी मिलिट्री एयरक्राफ्ट पाकिस्तानी एयरबेस पर रखे जा रहे थे और इजराइल के खिलाफ पाकिस्तान के बड़े अधिकारियों की पिछली बयानबाजी परेशान करने वाली थी.
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News Source: PTI
