Home Latest News & Updates ‘जम्मू-कश्मीर पर किसी को टिप्पणी का अधिकार नहीं’, चीन-पाक के संयुक्त बयान पर भारत का सख्त संदेश

‘जम्मू-कश्मीर पर किसी को टिप्पणी का अधिकार नहीं’, चीन-पाक के संयुक्त बयान पर भारत का सख्त संदेश

by Amit Dubey 26 May 2026, 9:50 PM IST
26 May 2026, 9:50 PM IST
Jammu and Kashmir

Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर से पाक ने चीन के साथ संयुक्त बयान में अपना राग अलापा है. वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. मंगलवार को चीन और पाकिस्तान ने एक संयुक्त बयान जारी किया. इसमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के तहत परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर भी एक नई सहमति बनी है. यह संयुक्त बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हाल ही में हुई चीन यात्रा के दौरान जारी किया गया था. बता दें कि सीपीईसी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है.

वहीं, भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया है और चीन-पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख सुसंगत है और संबंधित पक्षों को इसकी पूरी जानकारी है. उन्होंने कहा, “भारत चीन और पाकिस्तान के बीच संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के अनुचित उल्लेखों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है.”

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग- विदेश मंत्रालय

मिली जानकारी के अनुसार, भारत ने मंगलवार को चीन और पाकिस्तान द्वारा जारी संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर के “अनुचित” संदर्भों को दृढ़ता से खारिज कर दिया. इसके साथ ही दोहराया कि केंद्र शासित प्रदेश और लद्दाख देश का अभिन्न अंग “रहे हैं, हैं और रहेंगे” और किसी अन्य राष्ट्र को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. जायसवाल ने कहा, “जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहे हैं, हैं और हमेशा रहेंगे. किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.”

हम विरोध और अस्वीकार करते हैं- विदेश मंत्रालय

वहीं, भारत ने संयुक्त बयान में तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के तहत परियोजनाओं के उल्लेख की भी आलोचना की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नई दिल्ली इस्लामाबाद द्वारा क्षेत्रों पर किए गए अवैध कब्जे को मजबूत करने या वैध ठहराने के किसी भी कदम को खारिज करती है.

उन्होंने कहा, “तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) परियोजनाओं के संबंध में, जिनमें से कुछ भारत के संप्रभु क्षेत्र में हैं, हम अन्य देशों द्वारा पाकिस्तान के इन क्षेत्रों पर अवैध और जबरन कब्जे को मजबूत करने या वैध ठहराने के किसी भी प्रयास का दृढ़ता से विरोध और अस्वीकार करते हैं, जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर अतिक्रमण करता है.” जायसवाल ने कहा कि यह बात पाकिस्तानी और चीनी अधिकारियों को कई बार स्पष्ट रूप से बता दी गई है.

दिल्ली में Quad देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक, जयशंकर ने कहा- हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर देना होगा ध्यान

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?