Sugar Price: क्या आपकी सुबह की शुरुआत चाय से होती है? त्योहारों पर मिठाई के बिना घर अधूरा लगता है? तो ये खबर आपकी जेब से जुड़ी है. दरअसल, देश में चीनी की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया है. कुछ इलाकों में खुदरा बाजार में चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. यानी रोज की चाय से लेकर त्योहार की मिठाई तक, हर जगह इस बढ़ी कीमत का असर दिखाई देने लगा है.
इतनी बढ़ोतरी क्यों?
इस हफ्ते देशभर में चीनी का औसत एक्स मिल भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया. बाजार में आशंका है कि 2026-27 सीजन की शुरुआत में चीनी का शुरुआती स्टॉक उम्मीद से कम रह सकता है. इसी चिंता ने कीमतों को अचानक ऊपर धकेल दिया. चीनी कारोबारियों के मुताबिक, आमतौर पर कीमतों में एक या दो रुपये प्रति किलो का बदलाव देखने को मिलता है. हालांकि, इस बार कुछ ही दिनों में कीमत 17-18 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई. कारोबारियों का कहना है कि इतनी तेज बढ़ोतरी सामान्य नहीं है. इसका असर अब बिक्री पर भी दिख रहा है. पहले जो ग्राहक एक बार में करीब 5 किलो चीनी खरीद लेते थे. अब वो सिर्फ 1 या 2 किलो लेकर काम चला रहे हैं.
सरकार ने उठाया बड़ा कदम
कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को चीनी मिलों को 10 लाख टन कच्ची चीनी आयात करने की अनुमति दे दी. ऐसी व्यवस्था करीब एक दशक बाद फिर इस्तेमाल की जा रही है. सरकार की कोशिश है कि आयात के जरिए बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाई जाए. साथ ही कीमतों पर दबाव कम हो. हालांकि, कारोबारी और बाजार से जुड़े लोगों का अनुमान है कि इससे कीमत में करीब 5 रुपये प्रति किलो तक की राहत मिल सकती है. यानी अगर बाजार में तेजी इसी तरह बनी रहती है, तो सिर्फ आयात से कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद करना मुश्किल हो सकता है.
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चाय और मिठाई पर असर
चीनी सिर्फ घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीज नहीं है. चाय की दुकान से लेकर मिठाई की दुकान, बेकरी और रेस्तरां तक इसका बड़े लेवल पर इस्तेमाल होता है. चीनी महंगी होने का सीधा असर चाय, मिठाई और दूसरे शुगर बेस्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों पर पड़ सकता है. खासकर त्योहारों का सीजन करीब होने की वजह से कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है. मिठाई की दुकानों के लिए ये समय सबसे ज्यादा बिक्री वाला होता है. अगर चीनी की कीमत ऊंची रहती है, तो दुकानदारों के सामने दो रास्ते होंगे. या तो अपनी लागत खुद सहें या फिर चीज़ों की कीमत बढ़ाएं.
कमी की वजह
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने शुक्रवार को चीनी की कीमतों में तेजी पर बात करते हुए बताया कि उत्पादन में कमी के पीछे गन्ने में बीमारियां और जरूरत से ज्यादा बारिश होना है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. उन्होंने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल उत्पादन की ओर चीनी डायवर्ट किए जाने को वजह मानने से इनकार किया. सरकार को उम्मीद है कि चीनी का आयात और नई फसल से आने वाला उत्पादन बाजार में सप्लाई बढ़ाएगा. इससे कीमतों को राहत मिलेगी.
त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता
आम परिवार पहले ही रोजमर्रा के कई सामानों की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं. ऐसे में चीनी का महंगा होना घरेलू बजट पर एक और दबाव डाल रहा है. त्योहारों में मिठाई, घर की चाय या कॉफी और कई तरह के पकवानों में चीनी की जरूरत बढ़ जाती है. इसलिए लोगों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में कीमतें नीचे आती हैं या ऐसे ही बढ़ती रहती हैं?
News Source: PTI
कीमतों पर लगामः 30 दिन से ज्यादा नहीं रख पाएंगे चीनी का स्टॉक, 1 अगस्त से नया नियम लागू
