Sugar Export Ban: केंद्र सरकार ने बुधवार को एक नोटिफिकेशन जारी कर चीनी के निर्यात पर बैन लगा दिया है, जो 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा. हालांकि, यूरोप और अमेरिका को इस बैन से राहत दी गई है.
14 May, 2026
मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर बैन लगा दिया है. सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके चीनी के निर्यात पर तुरंत रोक लगा दी है. यह रोक 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगी. इस नोटिफिकेशन में कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी के निर्यात पर बैन लगाया गया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. एक्सपोर्ट पर रोक लगाने से देश के अंदर स्थिर सप्लाई सुनिश्चित होगी और कीमतें कंट्रोल रहेंगी.

EU और US बैन से बाहर
नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि अगर लोडिंग 13 मई से पहले शुरू हो गई थी या अगर ऑर्डर लागू होने से पहले कंसाइनमेंट कस्टम अधिकारियों को सौंप दिया गया था, तो शिपमेंट की इजाजत होगी. यह रोक CXL और TRQ कोटा के तहत यूरोप और अमेरिका को एक्सपोर्ट की जा रही चीनी पर लागू नहीं होगी. ऑर्डर में कहा गया है कि चीनी एक्सपोर्ट की इजाजत सिर्फ भारत सरकार द्वारा दूसरे देशों को उनकी फूड सिक्योरिटी जरूरत और उनकी सरकारों के अनुरोध के आधार पर दी जाएगी.
भारत दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक
ब्राजील के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी एक्सपोर्टर है. भारत ने घरेलू मांग से ज़्यादा प्रोडक्शन की उम्मीद में मिलों को 1.5 मिलियन मीट्रिक टन चीनी एक्सपोर्ट करने की इजाजत दी थी, लेकिन अब गन्ना उगाने वाले बड़े इलाकों में गन्ने की कम पैदावार की वजह से लगातार दूसरे साल प्रोडक्शन खपत से कम रहने की उम्मीद है. इसलिए सरकार ने विदेशों में चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है.
खरीदारों को ज्यादा शिपमेंट भेजने का मौका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने लोकल कीमतों को कंट्रोल करने के लिए चीनी एक्सपोर्ट पर रोक लगा दिया है। सरकार के इस कदम से ग्लोबल सफेद और कच्ची चीनी की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है. इससे ब्राजील और थाईलैंड जैसे कॉम्पिटिटर प्रोड्यूसर एशियाई और अफ्रीकी खरीदारों को ज्यादा शिपमेंट भेज पाएंगे.
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News Source: PTI
