Bengaluru News: बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में पांच विचाराधीन कैदियों ने 32 वर्षीय वार्डन पर हमला कर दिया. आरोप है कि कैदियों ने वार्डन का गला घोंटकर उसकी हत्या करने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी बजरंग दल के पूर्व कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं. पुलिस के मुताबिक, वार्डन मंजूनाथ हवेली पर यह हमला 2 सितंबर को जेल के नियमों को लेकर हुए विवाद के बाद किया गया. पुलिस ने बताया कि 2 सितंबर की सुबह करीब 10:05 बजे हवेली एक निर्धारित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग के सिलसिले में एक कैदी के बारे में जानकारी लेने के लिए जेल के एनेक्स-1 में गए थे. वहां आरोपियों में से एक मोहम्मद मुशामिर ने कथित तौर पर वार्डन के साथ बदसलूकी की और इसके बाद उन पर हमला कर दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
नाक पर मारे कई बार घूंसे
पुलिस ने बताया कि मुशामिर नाम के एक कैदी ने हवेली के चेहरे और नाक पर कई बार घूंसे मारे. हमले में चार अन्य विचाराधीन कैदी अब्दुल शफगन, मोहम्मद रिज़वान, नियाज और कलंदर शफी भी शामिल थे. हमला करने के बाद ये सभी कैदी वार्डन को एक कमरे में खींचकर लेकर गए और वहां पर उसका गला घोंटने की कोशिश की. भारी हंगामे के बीच जले के कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया और हवेली को किसी तरह बचाया. अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि मुशामिर को सिक्योरिटी सेक्शन से एनेक्स-1 में शिफ्ट किया गया था और वह हवेली से इसलिए नाराज था क्योंकि उसने उसे जेल के अंदर अतिरिक्त सामान से जाने से रोका था.
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कैदियों पर होगी उचित कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि कोर्ट की इजाजत मिलने के बाद पांचों आरोपियों पूछताछ की जाएगी. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच की जा रही है. कलाबुरागी में घटना के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि वह पहले इसके बारे में पूरी जानकारी लेंगे और फिर उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि अभी तक विस्तार से मुझे जानकारी नहीं मिली है. हम पता लगाएंगे कि ऐसा क्यों हुआ और असल में क्या हुआ था. प्रियांक ने कहा कि कुछ कैदियों में मानसिक और व्यवहार संबंध समस्याएं हो सकती हैं. गृह मंत्री ने यह भी कहा कि जेल विभाग इस मामले में नियमित रूप से काउंसलिंग करता है और हिंसक व्यवहार को नियंत्रित करने के उपाय करता है.
जेल सुधारों पर भी दिया जाएगा ध्यान
प्रियांक खरगे ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस माहनिदेशक आर हितेंद्र की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति की रिपोर्ट में जेल सुधारों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई है. इनमें जेल में भीड़भाड़, निगरानी, कैदियों की मानसिक स्थिति के आधार पर उनकी ग्रेडिंग और उन्हें कहां रखा जाए जैसे विभिन्न मुद्दे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, जेल में आने वाली सब्जियां, किराने का सामान और अन्य चीजों की जांच की मांग की गई है. इसके अलावा कैदियों की मानसिक सेहत का आकलन करना भी जेल सुधारों का एक अहम हिस्सा है.
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News Source: PTI
