US Stock Market: अमेरिकी शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का दिन थोड़ा फीका रहा. उम्मीद से कहीं बेहतर आई जॉब रिपोर्ट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. बाजार को डर है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई पर काबू पाने के लिए इसी महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है. इसके चलते प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स दबाव में नजर आए. साथ ही ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में भी ज्यादातर तेजी देखने को मिली. शुक्रवार को S&P 500 में 0.3 फीसदी की गिरावट आई. वहीं, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 245 अंक यानी 0.5 फीसदी नीचे रहा. नैस्डैक कम्पोजिट
भी 0.2 फीसदी कमजोर हुआ. यानी बाजार में बड़ी बिकवाली तो नहीं दिखी, लेकिन निवेशकों का मूड जरूर सतर्क हो गया.
उम्मीद से ज्यादा नौकरियां
बाजार की चिंता की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी रोजगार के आंकड़े हैं. अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के मुताबिक अगस्त में कंपनियों ने 1.62 लाख नई नौकरियां जोड़ीं. खास बात ये है कि अर्थशास्त्रियों ने सिर्फ करीब 65 हजार नई नौकरियों का अनुमान लगाया था. यानी रोजगार बाजार ने अनुमान से कहीं ज्यादा मजबूत प्रदर्शन किया. इतना ही नहीं, जून और जुलाई के आंकड़ों में भी संशोधन किया गया और दोनों महीनों के आंकड़ों में कुल 55 हजार नौकरियां और जोड़ी गईं. अगस्त में बेरोजगारी दर 4.1 फीसदी पर स्थिर रही. मजबूत रोजगार बाजार आम तौर पर अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर माना जाता है. हालांकि, इस समय इसका दूसरा पहलू निवेशकों को परेशान कर रहा है.
फेड की मुश्किल
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो रोजगार को नुकसान पहुंचाए बिना महंगाई को कैसे नियंत्रित करे. ब्याज दर बढ़ाने से कर्ज महंगा होता है, खर्च और निवेश की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और इससे महंगाई पर दबाव कम करने में मदद मिलती है. लेकिन मजबूत नौकरियों के आंकड़े ये संकेत देते हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी काफी मजबूत है. ऐसे में फेड को ब्याज दर घटाने के बजाय बढ़ाने या कम से कम ऊंची दरों को बनाए रखने की गुंजाइश मिल सकती है.
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रेट हाइक की उम्मीद
जॉब रिपोर्ट आने के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद भी बढ़ गई. सीएमई फेडवॉच के मुताबिक, शुक्रवार को सितंबर में रेट हाइक की संभावना 60.4 फीसदी तक पहुंच गई, जबकि एक दिन पहले यह 49.4 फीसदी थी. अब निवेशकों की नजर 11 सितंबर को जारी होने वाले अमेरिकी इनफ्लेशन यानी CPI आंकड़ों पर है. इसके बाद 16 सितंबर को फेड की अहम बैठक होगी. अगर महंगाई के आंकड़े भी उम्मीद से ज्यादा गर्म रहे, तो ब्याज दर बढ़ाने का दबाव और बढ़ सकता है. फेड का लक्ष्य महंगाई को करीब 2 फीसदी तक लाना है. हालांकि, इस साल ये ज्यादातर समय 3 फीसदी से ऊपर बनी हुई है.
टेक शेयरों ने संभाला बाजार
बाजार में गिरावट के बावजूद टेक्नोलॉजी शेयरों ने कुछ राहत जरूर दी. Nvidia के शेयर 1.4 फीसदी चढ़े. वहीं, एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस में 4.2 फीसदी की तेजी रही. सनडिस्क के शेयरों में 10.4 फीसदी का जबरदस्त उछाल आया और माइक्रोन टेक्नोलॉजी 4.6 फीसदी मजबूत हुआ. हालांकि, हर कंपनी के लिए दिन अच्छा नहीं रहा. लुलुलेमन एथलेटिका के शेयर करीब 17.4 फीसदी टूट गए. कंपनी की तिमाही बिक्री उम्मीदों से कम रही और उसने पूरे वित्त वर्ष के अनुमान को एक बार फिर घटा दिया.
तेल ने भी बढ़ाई चिंता
मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड में भी ज्यादातर तेजी आई. दो साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.36 फीसदी तक पहुंच गई, ये एक दिन पहले 4.34 फीसदी थी. ये यील्ड खास तौर पर फेड की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों से जुड़ी होती है. दूसरी तरफ तेल की कीमतें भी निवेशकों के लिए चिंता बनी हुई हैं. कच्चा तेल करीब 95.37 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. वहीं, अमेरिकी क्रूड करीब 90.72 डॉलर प्रति बैरल पर था. तेल की ऊंची कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं. यही वजह है कि बाजार फिलहाल रोजगार, महंगाई, ब्याज दर और तेल, इन चारों संकेतों पर एक साथ नजर रख रहा है. हालांकि, इस बीच सोना खरीदने वालों के चेहरे पर मुस्कान जरूर आई. अमेरिका के आंकड़े सामने आने के बाद सोने की कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई. अब सोने की कीमत 1,54,950 रुपये प्रति 10 ग्राम है. कल के लिए सोना करीब 18 रुपये सस्ता हुआ है.
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News Source: PTI
