Gujarat Crime: गुजरात में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और सूरत क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने अहमदाबाद के एक्सप्रेस हाईवे पर CTM टोल नाके के पास रामोल पुलिस थाना क्षेत्र में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की कीमत के हेरोइन और MD ड्रग्स के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जब्त किए गए मादक पदार्थों की कुल कीमत करीब 25.5 करोड़ रुपये बताई गई है. पुलिस की इस कार्रवाई में 4 किलो 531.220 ग्राम हेरोइन और 2 किलो 497.490 ग्राम MD यानी मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद किया गया.
बड़ी मात्रा में हेरोइन और मेफेड्रोन बरामद
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के जरिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात में फैले अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा हुआ है. जांच में दिल्ली से गुजरात तक ड्रग्स की सप्लाई किए जाने की बात भी सामने आई है. क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध ड्रग्स तस्करों को पकड़ा. तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में हेरोइन और मेफेड्रोन बरामद किया गया. पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए MD ड्रग्स की बाजार कीमत लगभग 1.2 करोड़ रुपये प्रति किलो और हेरोइन की कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये प्रति किलो आंकी गई है. इस कार्रवाई को गुजरात में सक्रिय अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है.
नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों तक ड्रग्स की खेप कहां से पहुंची थी और गुजरात में इसकी सप्लाई किन लोगों को की जानी थी. जांच में सामने आया है कि ड्रग्स का यह नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात में फैला हुआ था. पुलिस के मुताबिक, दिल्ली से गुजरात तक मादक पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी. क्राइम ब्रांच अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रग्स की खरीद-फरोख्त में कौन-कौन शामिल था और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी गिरोह सक्रिय है या नहीं. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है.
दिल्ली और मेरठ के हैं आरोपी
अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान ड्रग्स की सप्लाई चेन और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तिफेल नॉखेज, मोहम्मद इमरान अल्वी और कफील अहमद के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, तीनों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है. पुलिस के मुताबिक, तिफेल नॉखेज (44) निवासी नई दिल्ली का नाम पहले भी हेरोइन तस्करी से जुड़े गंभीर मामलों में सामने आ चुका है. वर्ष 2014 में अमृतसर में 100 ग्राम हेरोइन से जुड़े मामले और वर्ष 2019 में 300 किलो हेरोइन की तस्करी में उसका नाम आ चुका है. दूसरे आरोपी मोहम्मद इमरान अल्वी (38) निवासी मेरठ का भी आपराधिक रिकॉर्ड बताया गया है.
आरोपियों का रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, वह छेड़छाड़, कबूतरबाजी यानी मानव तस्करी और धोखाधड़ी जैसे विभिन्न मामलों में शामिल रहा है. तीसरे आरोपी कफील अहमद (59) निवासी नई दिल्ली का भी मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में आपराधिक इतिहास बताया गया है. पुलिस के अनुसार, वह पहले जयपुर में 18.5 किलो चरस, अहमदाबाद में 100 ग्राम MD और राजस्थान में पैरोल पर रिहा होने के दौरान 3 किलो अल्प्राजोलम से जुड़े मामलों में पकड़ा जा चुका है. पुलिस अब तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे मौजूदा ड्रग्स खेप की सप्लाई में किस भूमिका में थे और इस नेटवर्क में उनके साथ कौन-कौन शामिल था. पुलिस का मुख्य फोकस ड्रग्स की सप्लाई चेन, इसके स्रोत और गुजरात में सक्रिय संपर्कों का पता लगाने पर है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात के बीच फैले इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करना भी जांच का अहम हिस्सा है.
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