Himanshu Bhau Gang: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर-इंटेलिजेंस टीम ने गैंगस्टर हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के कोटा से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में दो शातिर रमन उर्फ फौजी (19) और करण (22) शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक दोनों कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांटेड थे और हिमांशु भाऊ सिंडिकेट से जुड़े हुए थे. गिरफ्तार किए गए अन्य दो आरोपी शेखर तिवारी (23) और उसका भाई विनोद तिवारी (30) है. आरोप है कि दोनों ने फरार बदमाशों को ठिकाना उपलब्ध कराया और उनके लिए मनी म्यूल के तौर पर काम किया.
डेयरी कारोबारी की हत्या से लेकर द्वारका मोड़ तक कनेक्शन
स्पेशल सेल के मुताबिक रमन और करण कई संगीन वारदातों में संयुक्त रूप से वांटेड थे. इनमें दिसंबर 2025 में दिल्ली के अया नगर में डेयरी कारोबारी रतन की हत्या का मामला भी शामिल है. इस वारदात में 70 से ज्यादा राउंड फायरिंग की गई थी. इसके अलावा अगस्त 2025 में द्वारका मोड़ पर मोहित डागर की हत्या के मामले में भी दोनों की तलाश थी. इस वारदात में भी 20 से ज्यादा गोलियां चलने की बात सामने आई थी.
रितोली में हिमांशु भाऊ के प्रतिद्वंद्वी पर हमला
दिसंबर 2025 में हरियाणा के रोहतक स्थित रितोली गांव में हिमांशु भाऊ के प्रतिद्वंद्वी सनी रितोली पर हमला किया गया था. पुलिस के अनुसार इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे. इस मामले में भी रमन और करण वांटेड बताए जा रहे थे.
बुलंदशहर में भी अंधाधुंध फायरिंग का आरोप
मई 2026 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के ककोड़ इलाके में जितेंद्र उर्फ जीतू पर कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी. पुलिस के मुताबिक जीतू गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया का प्रतिद्वंद्वी बताया जाता है. इस मामले में भी दोनों आरोपियों की तलाश थी. पुलिस के मुताबिक करण का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है. वह मई 2024 में हरियाणा के रेवाड़ी के मोहल्ला कुतुबपुर में शेखर राव के घर पर कथित अंधाधुंध फायरिंग के मामले में वांटेड था. दिसंबर 2024 में पलवल के महेशपुर गांव के सरपंच पर कथित फायरिंग के मामले में भी करण की तलाश थी. इस वारदात में ऑटोमैटिक कार्बाइन का इस्तेमाल किए जाने की बात पुलिस ने बताई है. इसके अलावा रोहतक के सदर थाने में दर्ज एक अन्य मुकदमे में भी करण आरोपी है.
रमन पर आर्म्स एक्ट का भी मामला
रमन उर्फ फौजी के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में भी पुलिस को उसकी तलाश थी. इसके अलावा दोनों आरोपियों के खिलाफ दिल्ली स्पेशल सेल में दर्ज अलग-अलग मामलों में भी जांच चल रही थी. स्पेशल सेल के मुताबिक रमन और करण इनामी अपराधी हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में उनके खिलाफ अलग-अलग इनाम घोषित किए गए थे.
आरोपियों को पनाह देने वाले दो भाई भी गिरफ्तार
पुलिस ने रमन और करण के अलावा उनके दो कथित सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी सगे भाई हैं. पुलिस के मुताबिक शेखर तिवारी और विनोद तिवारी ने दोनों फरार बदमाशों को छिपने के लिए ठिकाना मुहैया कराया और उनके पैसे के लेनदेन में मनी म्यूल के तौर पर काम किया. शेखर तिवारी मथुरा जिले के गोवर्धन थाना क्षेत्र के जिखन गांव का रहने वाला है, जबकि उसका भाई विनोद तिवारी भी इसी गांव का निवासी है.
पुलिस रिमांड में चारों आरोपी
स्पेशल सेल ने चारों आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया गया. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर हिमांशु भाऊ सिंडिकेट से उनके संपर्क, हथियारों की सप्लाई, फंडिंग, फरारी के दौरान मिले ठिकानों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों और हाल की आपराधिक वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है.
पिता ही बना बेटे का कातिल! डॉक्टर के बहाने सुनसान जगह बुलाया, फिर साथी के साथ मिलकर कर दी हत्या
- दिल्ली से रुम्मान उल्ला खान की रिपोर्ट
