Hizbul Mujahideen: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने वॉन्टेड नार्को टेररिस्ट इकबाल सिंह उर्फ शेरा को लगातार डिप्लोमैटिक और लीगल कोशिशों के बाद पुर्तगाल से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण दिलाने के बाद गिरफ्तार किया है.
Hizbul Mujahideen: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने वॉन्टेड नार्को टेररिस्ट इकबाल सिंह उर्फ शेरा को लगातार डिप्लोमैटिक और लीगल कोशिशों के बाद पुर्तगाल से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण दिलाने के बाद गिरफ्तार किया है. हिजबुल मुजाहिदीन (HM) के एक बड़े टेरर फाइनेंसिंग केस के मास्टर माइंड शेरा को कानूनी प्रक्रिया के बाद भारत लाया गया. उसे पुर्तगाल से दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचते ही NIA की एक टीम ने हिरासत में ले लिया, जहां से वह 2020 में फरार हो गया था. उसका सफल प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी पाकिस्तान समर्थित नार्को और क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म के खिलाफ NIA की लड़ाई के लिए एक बड़ी ताकत है. गिरफ्तार किए गए भगोड़े के खिलाफ अक्टूबर 2020 से RC-23/2020/NIA/DLI (हिजबुल मुजाहिदीन नार्को टेरर मॉड्यूल) केस में गिरफ्तारी का नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) था.
जारी था इंटरपोल नोटिस
जून 2021 से उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल नोटिस भी जारी था. मामले की जांच में NIA ने पाया कि शेरा पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी करने वाले भारत आधारित नार्को-टेरर मॉड्यूल का मुख्य साजिशकर्ता और हैंडलर था. पंजाब के अमृतसर का रहने वाला शेरा पाकिस्तान से सीमावर्ती राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिश का मास्टरमाइंड था. उसने दवाओं की तस्करी और वितरण को कोऑर्डिनेट किया था और उसकी देखरेख की थी. वह हवाला नेटवर्क के ज़रिए कमाई को हिजबुल मुजाहिदीन के पाकिस्तान और कश्मीर स्थित गुर्गों तक पहुंचाया था ताकि आतंकी गतिविधियों को आसान बनाया जा सके. भारत विरोधी नार्को टेरर साज़िश को आगे बढ़ाने के लिए शेरा ने एक टेरर गैंग बनाया था.
हिजबुल मुजाहिदीन से था संबंध
वह पंजाब में अपने साथियों का एक नेटवर्क चलाता था, जो बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी, बिक्री से होने वाली कमाई इकट्ठा करने और हैंडलर व टेरर ऑपरेटिव को फंड ट्रांसफर करने में शामिल थे. उसने पाकिस्तान में मौजूद हिजबुल मुजाहिदीन टेरर ऑपरेटिव के साथ करीबी रिश्ते बनाए रखे थे. यह केस शुरू में पंजाब पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के एक ओवरग्राउंड वर्कर हिलाल अहमद शेरगोजरी की गिरफ्तारी के बाद दर्ज किया था. पुलिस ने हिलाल के पास से 29 लाख रुपये की ड्रग कमाई भी बरामद की थी, जो मारे गए टेररिस्ट कमांडर रियाज़ अहमद नायकू का करीबी साथी था. आगे की जांच में टेरर गैंग के पंजाब में मौजूद अलग-अलग सदस्यों से नार्को टेरर कमाई के तौर पर 32 लाख रुपये और बरामद हुए थे. NIA ने केस अपने हाथ में लेने के बाद मॉड्यूल को खत्म करने और शेरा का प्रत्यर्पण पक्का करने के लिए बड़े पैमाने पर कोशिशें शुरू की थीं. केस में आगे की जांच जारी है.
ये भी पढ़ेंः Google विज्ञापनों और जाली Yahoo मेल के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 7 दबोचे
