Mining Dispute: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन के विवाद में दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया. हमलावरों ने दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को आग में झोंक दिया, जिससे उसकी जलकर मौत हो गई, जबकि चार गंभीर झुलस गए. यह घटना मंगलवार रात जिले की सोनहट तहसील के अंतर्गत आने वाले कटगोड़ी गांव में हुई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित दो गाड़ियों में यात्रा कर रहे थे, जिनमें एक SUV भी शामिल थी, तभी विरोधी गुट ने उन पर हमला कर दिया. हमलावरों ने SUV को बार-बार एक ट्रक से टक्कर मारी, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और उसके दरवाजे जाम हो गए. इसके बाद SUV में आग लगा दी गई, जिससे उसमें सवार लोग बाहर नहीं निकल पाए.
मौके पर पहुंची पुलिस ने संभाले हालात
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि जो लोग गाड़ी की खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, उन पर हमलावरों ने हमला किया. अधिकारी ने बताया कि इस घटना में लगभग 60 वर्षीय भरत सिंह नाम के व्यक्ति की जलकर मौत हो गई, जबकि SUV में सवार दो अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए. पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने पीड़ितों की दूसरी कार को भी निशाना बनाया और उसमें सवार दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया. सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया.
चार आरोपी गिरफ्तार
अधिकारी ने बताया कि घायलों को पहले बैकुंठपुर के ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर के अस्पताल में रेफर कर दिया गया. पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में चार आरोपियों को गिरफ़्तार किया है, जबकि बाकी संदिग्धों का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं. जानकारी के मुताबिक, यह हिंसा सिंह और त्रिपाठी परिवारों के बीच रेत खनन के काम को लेकर लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी की वजह से हुई. दोनों परिवार मूल रूप से कटगोड़ी से सटे नागोई गांव के रहने वाले हैं. अधिकारी ने बताया कि सिंह परिवार अभी बैकुंठपुर में रहता है, लेकिन कटगोड़ी में रेत खनन और पत्थर तोड़ने का कारोबार चलाता है.
रेत खनन को लेकर विवाद
मंगलवार दोपहर को दोनों परिवारों के सदस्यों के बीच झगड़ा हुआ, जिससे तनाव बढ़ गया. पुलिस के मुताबिक, बाद में रात में फ़ोन पर बातचीत के बाद भरत सिंह और उनके साथी विरोधी गुट के सदस्यों से मिलने गए, जिसके बाद टकराव हिंसक हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हमलावरों ने SUV में आग लगाने से पहले उस पर ईंधन डाला था. हालांकि, अधिकारी ने कहा कि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है क्योंकि हमले के दौरान गाड़ी बिजली के खंभे से भी टकराई थी.
पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे थे कि क्या ईंधन डालने के बाद गाड़ी में जानबूझकर आग लगाई गई थी या बिजली के खंभे से टकराने के कारण आग लगी थी. उन्होंने बताया कि अब तक त्रिपाठी परिवार के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बाकी आरोपियों को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं. मामले की आगे की जांच चल रही है.
RSS के रांची ऑफिस पर आधी रात को बदमाशों ने किया हमला, पेट्रोल बम फेंकने की आशंका
News Source: PTI
