Himachal Pradesh Medical Seats: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में 320 पोस्टग्रेजुएट (PG) मेडिकल सीटें जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस पहल के लिए लगभग 415 करोड़ रुपये की ग्रांट (अनुदान) दी जाएगी. नड्डा ने एक बयान में कहा कि यह मंजूरी हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 23 जून को भेजे गए एक प्रस्ताव और 6 अक्टूबर को एम्स बिलासपुर में दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई बातचीत के बाद मिली है.
10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने का लक्ष्य
नड्डा ने कहा, “हिमाचल प्रदेश के मेरे प्यारे लोगों… प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में, पिछले 12 वर्षों में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े और सकारात्मक बदलाव किए गए हैं. इसी क्रम में पिछले साल अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें बढ़ाने के लिए योजनाएं मंजूर की गई थीं. इन योजनाओं के तहत, 15,000 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्षों में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ी जाएंगी. इसी पहल के हिस्से के रूप में, केंद्र सरकार ने आज हिमाचल प्रदेश में 320 PG (पोस्टग्रेजुएट) मेडिकल सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. भारत सरकार इस परियोजना के लिए लगभग 415 करोड़ रुपये का अनुदान देगी.”
मंजूरी की समय-सीमा के बारे में विस्तार से बताते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र ने राज्य के प्रस्ताव पर कार्रवाई की और सभी 320 सीटों को मंजूरी दे दी. उन्होंने आगे कहा, “दोस्तों, मैं आपको बताना चाहता हूं कि हमने इस दिशा में कितनी तेजी से काम किया है. हिमाचल प्रदेश सरकार से 23 जून को प्रस्ताव मिला था. 6 अक्टूबर को एम्स बिलासपुर में दीक्षांत समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुझसे इसी विषय पर चर्चा की थी. आज, भारत सरकार ने प्रस्तावित सभी 320 सीटों को मंजूरी दे दी है.”
छह मेडिकल कॉलेजों को मिलेंगी सीटें
केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ये अतिरिक्त पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें हिमाचल प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में जोड़ी जाएंगी. सबसे ज़्यादा सीटें शिमला को मिलेंगी (91 सीटें), इसके बाद हमीरपुर को 57, टांडा को 57, मंडी को 55, नाहन को 32 और चंबा को 28 सीटें दी जाएंगी. नड्डा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से यह भी आग्रह किया कि वे ज़रूरी कदम उठाएं ताकि मंज़ूर की गई सीटें तय समय-सीमा के भीतर तैयार हो सकें. उन्होंने कहा, “मैं हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह करता हूँ कि वे बिना किसी देरी के ज़रूरी कदम उठाएं, ताकि ये 320 सीटें एक तय समय-सीमा के भीतर तैयार हो सकें.”
मेडिकल शिक्षा होगी मजबूत
इस विस्तार से हिमाचल प्रदेश में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा मजबूत होगी, क्योंकि मेडिकल ग्रेजुएट्स को राज्य के भीतर ही विशेष प्रशिक्षण (स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग) लेने के ज्यादा मौके मिलेंगे. इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी. यह खास तौर पर पहाड़ी राज्यों के लिए अहम है, जहां दूर-दराज के इलाकों में विशेषज्ञ इलाज तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है. छह मेडिकल कॉलेजों में सीटों का यह आवंटन राज्य के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए है.
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News Source: ANI
