Home Top News NIA कोर्ट से यासीन मलिक को झटका, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिया मुकदमा चलाने का आदेश

NIA कोर्ट से यासीन मलिक को झटका, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिया मुकदमा चलाने का आदेश

by Sachin Kumar 24 October 2026, 11:47 AM IST (Updated 24 October 2026, 12:08 PM IST)
24 October 2026, 11:47 AM IST (Updated 24 October 2026, 12:08 PM IST)
Yasin Malik NIA court money laundering case

NIA Court: यासीन मलिक को नई दिल्ली की एक विशेष अदालत से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने मलिक समेत 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है. यह मामला हवाला नेटवर्क के जरिए पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के आरोपों से जुड़ा है. आरोप है कि अपराध के जरिए 8,94,87,639 रुपये जुटाए गए और बाद में यह रकम आरोपियों तक पहुंचाई गई. वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) का यह मामला साल 2017 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज किए गए मामले पर आधारित है.

इन धाराओं में दर्ज किया गया मामला

इन सभी आरोपियों पर IPC की धारा 120B, 121 और 121A, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 13, 16, 17, 18, 20, 38, 39 और 40 के तहत दर्ज किया गया है. विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा ने शुक्रवार को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया और 19 नवंबर से अभियोजन पक्ष के सबूत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. बता दें कि सुनवाई एक बंद कोर्ट रूम में हुई.

यासिन के अलावा ये हैं अन्य आरोपी

यासीन मलिक तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ और कोर्ट की सुनवाई के दौरान उसने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उसने कहा कि वह इस मामले में अपना बचाव करेगा. सितंबर में NIA कोर्ट ने निर्देश दिया था कि यासीन मलिक और 6 अन्य लोगों के खिलाफ PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत आरोप तय किए जाएं. अन्य आरोपियों में जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल रशीद शेख, शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और मसरत आलम भट शामिल हैं.

गैर-कानूनी तरीके से लिया जा रहा था फंड

इन सभी आरोपियों पर आरोप है कि विचारधारा और अलगाववाद के एजेंडे को फैलाने के लिए पाकिस्तानी तंत्र से हवाला के जरिए और अन्य आतंकवादी संगठनों से अलग-अलग तरीकों और माध्यमों से फंड ले रहे थे. ये सभी फंड देश के कानून के खिलाफ और विध्वंसक थीं. 9 सितंबर को विशेष जज ने आदेश दिया कि मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जिससे सभी सात आरोपियों के खिलाफ मजबूत संदेह पैदा होता है. इसलिए, इन आरोपियों पर PMLA की धारा 3 के तहत अपराध का आरोप लगाया जाना चाहिए, जिसके लिए PMLA की धारा 4 के तहत सजा का प्रावधान है.

अलग-अलग तरीके से रकम हासिल की

आरोपी अब्दुल की ओर से वकील जूही भार्गव, शब्बीर अहमद शाह की ओर से ज़हबी तिहामी और यासीन मलिक की ओर से ‘एमिकस क्यूरी’ के रूप में निशांत सिंह पेश हुए. ED की जांच से पता चला है कि इन अपराधों के जरिए 8,94,87,639 रुपये की अवैध कमाई हुई. आरोपियों ने इस रकम को अलग-अलग तरीकों और माध्यमों से प्राप्त किया, इधर-उधर ट्रांसफर किया, छिपाया और उसके बाद इस भारी रकम को कई किस्तों में हासिल किया. इस बीच, ED का आरोप है कि आरोपी यासीन मलिक ‘जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ (JKLF) का प्रमुख था. यह संगठन 1990 के दशक से ही जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा है.

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News Source: ANI

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