Jio IPO: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में एंट्री से पहले ही जोरदार धमाका कर दिया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ शुक्रवार को बंद हो गया. खास बात ये है कि इस आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. कंपनी का आईपीओ 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ है. वहीं, पब्लिक इश्यू और एंकर निवेशकों की कुल डिमांड 7.4 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई. इतना ही नहीं, इस आईपीओ के लिए करीब 1.39 करोड़ आवेदन आए हैं. इसे भारतीय आईपीओ बाजार के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
टूट पड़े निवेशक
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ बुधवार को खुला था. लेकिन निवेशकों का उत्साह ऐसा था कि सिर्फ 100 मिनट में ही ये पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. यानी जिस आईपीओ के लिए निवेशकों को तीन दिन मिले थे, उसने दो घंटे से भी कम टाइम में अपना लक्ष्य हासिल कर लिया. शुक्रवार शाम 7 बजे तक निवेशकों ने 438.3 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं. वहीं, बिक्री के लिए 19.75 करोड़ शेयर मौजूद थे. इस तरह आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला.
7.4 लाख करोड़ की डिमांड
जियो आईपीओ को लेकर सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा निवेशकों की डिमांड का है. पब्लिक इश्यू में ही 4.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां आईं. वहीं, एंकर निवेशकों की डिमांड जोड़ने पर ये आंकड़ा 7.4 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया. हालांकि, यहां एक बात समझना जरूरी है. 7.4 लाख करोड़ रुपये कंपनी को मिलने वाली रकम नहीं है. ये उन शेयरों की कुल कीमत है, जिन्हें निवेशक खरीदना चाहते थे. असल में कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की प्लानिंग बना रही है.
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बड़े निवेशकों की दिलचस्पी
जियो के आईपीओ में सबसे ज्यादा उत्साह बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिखाया. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में आईपीओ को 70.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की कैटेगरी 14 गुना और रिटेल निवेशकों की कैटेगरी 2.72 गुना सब्सक्राइब हुई. रिटेल निवेशकों की कुल डिमांड 25,867 करोड़ रुपये से ज्यादा रही. इसके अलावा शेयरहोल्डर कैटेगरी में 7.60 गुना और कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में 2.93 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया. वैसे, जियो आईपीओ के लिए करीब 1.39 करोड़ आवेदन मिलने की बात सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले भारतीय आईपीओ बाजार में सबसे ज्यादा आवेदन आने का रिकॉर्ड वारी एनर्जीज के नाम था.
कितनी है शेयर की कीमत?
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था. ऊपरी कीमत के हिसाब से कंपनी का वैल्यूएशन करीब 108 अरब डॉलर आंका गया है. इस आईपीओ में कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है. खास बात ये है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज या कोई मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहा है. इसका मतलब है कि आईपीओ से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी.
इतने पैसों का क्या करेगी कंपनी?
कंपनी की योजना आईपीओ से मिलने वाली रकम में से ज्यादातर 27,500 करोड़ रुपये अपनी सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करने की है. बाकी रकम टेक्नोलॉजी, डिजिटल सर्विसेज, नए निवेश और कारोबारी जरूरतों पर खर्च की जाएगी. जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी पहले ही कह चुके हैं कि कंपनी का अगला बड़ा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर रहेगा.
क्यों खींचा निवेशकों का ध्यान?
जियो के पास 53.33 करोड़ ग्राहकों का बड़ा नेटवर्क है. कंपनी अब सिर्फ मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट तक सीमित नहीं रहना चाहती. आने वाले टाइम में जियो AI, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है. यही वजह है कि घरेलू और विदेशी निवेशकों ने कंपनी के आईपीओ में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई. अब लोगों की नजर शेयरों के अलॉटमेंट और स्टॉक मार्केट में जियो की लिस्टिंग पर रहेगी. हालांकि, भारी सब्सक्रिप्शन का मतलब ये नहीं है कि लिस्टिंग पर प्रोफिट मिलना पक्का है.
News Source: ANI
