Avatar Fire and Ash: हॉलीवुड स्टार जेम्स कैमरून की मचअवेटिड मूवी ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ आखिरकार रिलीज़ हो चुकी है. अगर आप भी इसे देखने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो पहले ये मूवी रिव्यू पढ़ लें.
20 December, 2025
Avatar Fire and Ash: सालों से ऑडियन्स को एंटरटेन करने वाली जेम्स कैमरून की ‘अवतार’ फ्रेंचाइज़ी का तीसरा चैप्टर ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ फाइनली रिलीज़ हो चुका है. लेकिन अफसोस, ये फिल्म जितनी लंबी है, उतनी ही हैवी और बिखरी हुई भी लगती है. 197 मिनट की ये हॉलीवुड फिल्म न सिर्फ सीरीज़ की अब तक की सबसे लंबी फिल्म है, बल्कि कई मायनों में सबसे कमजोर भी है. वैसे, फ्रेंचाइजी के पहले दो पार्ट्स यानी ‘अवतार’ और ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हैं.

सबसे कमजोर पार्ट
‘अवतार’ फ्रेंचाइजी को मिले ऑडियन्स के अपार प्यार की वजह से जेम्स कैमरून का इस यूनिवर्स को आगे बढ़ाना समझ में आता है. लेकिन ‘फायर एंड ऐश’ देखकर यही सवाल उठता है कि क्या अब इस कहानी को यहीं रोक देना बेहतर नहीं होगा? दरअसल, हर नया पार्ट पिछले से ज्यादा लंबा और कम इम्प्रेसिव लगता है. इस बार का हाल तो ये है कि फिल्म खूबसूरत स्क्रीनसेवर जैसे विज़ुअल्स, भारी-भरकम डायलॉग्स, खिंची हुई कहानी और जरूरत से ज्यादा स्पिरिचुअल स्पीच में उलझ कर रह जाती है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इतने लंबे रनटाइम के बावजूद फिल्म की कहानी अधूरी सी लगती है.
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नई ऑडियन्स के लिए सिरदर्द
‘अवतार: फायर एंड ऐश’ की शुरुआत से एंड तक, कहानी में कोई तालमेल नहीं बैठता. जेम्स कैमरून ये मानकर चल रहे हैं कि ऑडियन्स पहले से ही इस दुनिया और कैरेक्टर्स से जुड़ी हुई है. वहीं, जो लोग फ्रेंचाइज़ी के कट्टर फैन नहीं हैं, उनके लिए ये फिल्म कई बार सिर के ऊपर से गुजरती नजर आती है. पहली ‘अवतार’ की पावर, उसकी साफ और असरदार कहानी थी. धरती की तबाही, पैंडोरा की खूबसूरत दुनिया, और इंसान वर्सेस नेचर का टकराना लोगों को काफी इंटरेस्टिंग लगा. जेक सली और नेयतिरी की लव स्टोरी ने भी लोगों को इमोशनली कनेंक्ट किया. लेकिन ‘फायर एंड ऐश’ में कैमरून का फोकस जेक और नेयतिरी से हटकर उनके बच्चों पर चला जाता है और यहीं फिल्म लड़खड़ाने लगती है. इतने सारे नए चेहरे आते हैं कि कई बार समझना मुश्किल हो जाता है कि, कौन, कौन से किरदारों हैं.

पका दी खिचड़ी
बीच-बीच में बड़े एक्शन सीक्वेंस आते हैं, कभी वॉर, कभी उड़ते ड्रैगन, कभी साइंटिस्ट्स की झलक. फिर अचानक नावी संस्कृति पर लंबे और इंटेंस डायलॉग शुरू हो जाते हैं. ऐसा लगता है जैसे फिल्म एक दमदार साइंस-फिक्शन थ्रिलर बन सकती थी, लेकिन रास्ता भटक गई. कई सीन किसी कैलिफोर्निया सोप ओपेरा जैसे लगते हैं, जहां ड्रेडलॉक्स वाले कैरेक्टर ड्रैगन पर सवारी करते हुए अजीब सी बातें करने लगते हैं.

मजबूत सेक्शन
हालांकि, फिल्म के विज़ुअल्स अब भी शानदार हैं, लेकिन पैंडोरा की दुनिया में कुछ नया नहीं बचा. इससे पहले भी हम फ्रेंचाइजी में इसी तरह के जंगल, समुद्र और आसमान देख चुके हैं. जहां ‘स्टार वॉर्स’ जैसी सीरीज़ हमें हर फिल्म में नई दुनिया दिखाती है, वहीं ‘अवतार’ एक ही माहौल में घूमती रहती है. ‘अवतार’ की दुनिया फ्यूचर जैसी लगती तो है, लेकिन अब थोड़ी पुरानी और गेम जैसी फील होती है. हां, मगर फिल्म की तकनीक पर सवाल नहीं उठते, लेकिन इमोशनल कनेक्शन की कमी साफ दिखती है. खैर, जेम्स कैमरून के पास अभी 2 और ‘अवतार’ फिल्में हैं. हालांकि, ‘फायर एंड ऐश’ देखकर यही लगता है कि ये जर्नी जितनी लंबी चल रही है, उतनी ही थकाने वाली भी होती जा रही है.
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