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IIT छोड़ी, बिना गॉडफादर मुंबई आए और 49 साल बाद 2000 करोड़ी ब्लॉकबस्टर से हर तरफ छाए

by Preeti Pal
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IIT छोड़ी, बिना गॉडफादर मुंबई आए और 49 साल बाद 2000 करोड़ी ब्लॉकबस्टर से हर तरफ छाए

Rakesh Bedi: अक्सर लाइमलाइट में आने में कई साल गुज़र जाते हैं. वैसें, भी लोगों को सक्सेस तो नज़र आती है, लेकिन उसके पीछे का स्ट्रगल नहीं दिखता.

28 March, 2026

बॉलीवुड की चकाचौंध में अक्सर नए चेहरों और बड़े स्टार किड्स की चर्चा होती है. लेकिन असली ‘धुरंधर’ वही होता है जो वक्त की कसौटी पर खरा उतरे. ऐसे में आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे कलाकार की, जिन्हें सालों तक हमने सिर्फ अपनी कॉमेडी से हंसाते हुए देखा. लेकिन आज उनकी सीरियस एक्टिंग ने पूरी दुनिया को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है. वैसे, तो आप समझ ही गए होंगे, कि हम यहां एक्टर राकेश बेदी की बात कर रहे हैं. ‘धुरंधर’ की सक्सेस के बाद उनकी बात ना हो, ये तो हो ही नहीं सकता.

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चुना अलग रास्ता

राकेश बेदी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. दिल्ली के करोल बाग के एक मिडिल क्लास फैमिली में पैदा हुए राकेश बेदी से उनके घर वालों को बड़ी उम्मीदें थीं. हर आम भारतीय माता-पिता की तरह उनका परिवार भी चाहता था कि बेटा बड़ा होकर इंजीनियर बने. लेकिन राकेश के मन में तो कुछ और ही चल रहा था. उनकी लाइफ का सबसे बड़ा यू-टर्न तब आया जब वो IIT का एंट्रेंस एग्ज़ाम दे रहे थे. परीक्षा के बीच में ही उन्हें ये फील हुआ कि उनका दिल फॉर्मूलों और मशीनों में नहीं, बल्कि एक्टिंग की दुनिया में बसता है. उन्होंने हिम्मत दिखाई और बीच में ही पेपर छोड़कर एग्ज़ाम हॉल से बाहर निकल आए. इसके बाद उन्होंने पुणे के फेमस फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी FTII में एडमिशन लिया और एक्टिंग की बारीकियां सीखीं.

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मुंबई में स्ट्रगल

जब राकेश बेदी सपनों की नगरी मुंबई पहुंचे, तो उनके पास न तो कोई बड़ा फिल्मी बैकग्राउंड था और न ही कोई गॉडफादर. मुंबई जैसे शहर में गुज़ारा भी करना था, तो उन्होंने छोटे-छोटे रोल से शुरुआत की. शुरुआती दिन काफी मुश्किलों भरे थे, लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई. 70 और 80 के दशक में उन्होंने अपनी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग से इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बना ली.
‘ये जो है जिंदगी’ और ‘श्रीमान श्रीमती’ जैसे कल्ट कॉमेडी शोज ने राकेश बेदी को घर-घर में पॉपुलर बना दिया. उन्होंने करीब 150 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स में काम किया, लेकिन इंडस्ट्री ने उन्हें सिर्फ एक कॉमेडियन के तौर पर ही देखा. सालों तक वो अपनी उसी इमेज के साथ पर्दे पर नजर आते रहे.

आदित्य धर का वादा

राकेश बेदी के करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब डायरेक्टर आदित्य धर ने उन पर भरोसा जताया. आदित्य ने राकेश को फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में एक सीरियस रोल दिया. आदित्य उनके डिसिप्लिन और काम से इतने इम्प्रेस हुए कि उन्होंने राकेश से वादा किया कि वो फ्यूचर में उन्हें एक दमदार रोल जरूर देंगे. आदित्य ने अपना वादा ‘धुरंधर’ के साथ पूरा किया. 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करने वाली इस ब्लॉकबस्टर फ्रैंचाइजी में राकेश बेदी ने ‘जमील जमाली’ का कैरेक्टर निभाया. ये रोल उनकी पुरानी कॉमेडी इमेज से बिल्कुल उलट था., जिसमें उन्होंने अपनी पूरी जान डाल दी.

49 साल बाद मिला हक़

करियर के 49वें साल में राकेश बेदी ने साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है. यानी टैलेंट को किसी एक ढांचे में कैद नहीं किया जा सकता. आज ऑडियन्स और क्रिटिक्स उनकी इस नई पारी के दीवाने हो चुके हैं. जिस एक्टर को दुनिया सिर्फ हंसने-हंसाने के लिए जानती थी, आज उसी ने एक दमदार विलेन और पॉलिटीशियन बनकर सबको चौंका दिया है. वैसे, राकेश बेदी की ये जर्नी उन सभी के लिए इंस्पिरेशन है जो अपने सपनों के लिए जोखिम उठाने से नहीं डरते.

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