UP Flood: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और वाराणसी जिलों में भारी बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया. दोनों शहरों के कई इलाके पानी में डूब गए. लखीमपुर में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से मैलानी-नानपारा सेक्शन पर ट्रेन सेवा भी बाधित हो गई. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को लगातार बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और वाराणसी ज़िलों में भारी जलभराव हो गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ. वहीं, बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब चार मीटर ऊपर बह रही थी. बाढ़ के कारण लखीमपुर में अधिकारियों को कक्षा 8 तक के सभी शिक्षण संस्थान एक दिन के लिए बंद करने पड़े. वाराणसी में पानी से भरी कई गलियों में नावें चल रही थीं और मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाटों पर अंतिम संस्कार छतों और छोटी गलियों में किए जा रहे थे.
लखीमपुर में कक्षा 8 तक के सभी स्कूल रहे बंद
लखीमपुर में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से मैलानी-नानपारा सेक्शन पर ट्रेन सेवा भी बाधित हुई. भीरा और पलिया स्टेशनों के बीच पानी के बहाव के कारण करीब आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा. नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (NER) के PRO महेश गुप्ता ने PTI को बताया कि मैलानी, बिछिया और नानपारा के बीच ट्रेन सेवा अगले आदेश तक बंद रहेगी. भारी बारिश को देखते हुए ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण तिवारी ने मंगलवार को लखीमपुर में कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की. नेपाल सीमा के पास भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं. निघासन तहसील के तिकुनिया इलाके में मोहना और करनाली नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. ये दोनों नदियां नेपाल से निकलती हैं. इनके अनियंत्रित बहाव से खीरी के कई सीमावर्ती गांवों पर असर पड़ता है, जिनमें दुधवा नेशनल पार्क के आस-पास के गांव भी शामिल हैं.
वाराणसी में 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सेंट्रल वॉटर कमीशन (CWC) के अनुसार, मंगलवार सुबह 10 बजे जलस्तर 70.28 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी का स्तर 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है. वाराणसी में अब तक का सबसे ज़्यादा जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है. CWC ने बताया कि नदी का जलस्तर 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रहा है. अधिकारियों के अनुसार, पानी से भरी कई गलियों में नावें चलाई जा रही हैं. वहीं, लगातार बारिश के कारण मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाटों पर पारंपरिक अंतिम संस्कार की जगहों के डूब जाने के कारण छतों और छोटी गलियों में शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है.
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोग
अधिकारियों ने बताया कि वरुण नदी के किनारे वाले इलाकों में जलभराव से प्रभावित कई परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविरों में भेज दिया गया है. चित्रकूट धाम डिवीज़न के कमिश्नर अजीत कुमार ने बताया कि चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई है. पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से लगभग चार मीटर ऊपर बह रही है. कमिश्नर कुमार और DIG राजेश एस ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया और राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया.
रामघाट और निर्मोही अखाड़ा जलमग्न
कुमार ने बताया कि रामघाट और निर्मोही अखाड़ा समेत कई धार्मिक स्थल जलमग्न हो गए, जबकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. उन्हें भोजन व अन्य सहायता उपलब्ध कराई गई. उन्होंने बताया कि रामघाट और नयागांव को जोड़ने वाला एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद दोनों तरफ पुलिस टीमें तैनात कर दी गईं. DIG राजेश ने बताया कि SDRF और NDRF की टीमें बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को बचाने में जुटी हुई थीं, जबकि कई लोगों को सेना के हेलीकॉप्टरों से सुरक्षित निकाला गया. उन्होंने बताया कि जिले के पहाड़ी, राजापुर और मानिकपुर इलाकों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं.
News Source: PTI
