Home Latest News & Updates बलूचिस्तान में गुमशुदगी का नया दौर? खरान, केच और मस्तुंग से 3 लोग लापता, एक व्यक्ति की घर वापसी

बलूचिस्तान में गुमशुदगी का नया दौर? खरान, केच और मस्तुंग से 3 लोग लापता, एक व्यक्ति की घर वापसी

by Sachin Kumar 6 October 2026, 3:22 PM IST
6 October 2026, 3:22 PM IST
Balochistan persist families face pressure stay silent

Balochistan News: बलूचिस्तान में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है. यहां बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) बलूचों के लिए एक अलग देश की मांग करती है. वहीं, पाकिस्तानी सेना इस आंदोलन के खिलाफ कार्रवाई करती रही है. इस दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के कथित तौर पर लापता होने की खबरें भी सामने आती रही हैं. इसी कड़ी में एक बार फिर ऐसी ही खबरें सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि खरान, केच और मस्तुंग से तीन लोगों के लापता होने की सूचना है. वहीं, क्वेटा में एक व्यक्ति के घर लौटने की भी खबर सामने आई है.

मानवाधिकारों को लेकर बढ़ी चिंता

बलूचिस्तान में लोगों के जबरन गायब होने के बाद राज्य में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर फिर से चिंता बढ़ गई है. ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ के मुताबिक, खरान के रहने वाले 37 वर्षीय अब्दुल मलिक (पिता हाजी नूर अहमद) को कथित तौर पर 2 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) ने हिरासत में ले लिया था. बताया जा रहा है कि तब से परिजनों को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.

तुरबज नाम के शख्स को घर से उठा लिया गया

केच जिले में शापुक के रहने वाले 27 वर्षीय असद बलोच के तौर पर 18 अगस्त की रात अबसार, तुरबत स्थित उनके घर से उठा लिया गया था. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस कथित अपहरण के पीछे एक हथियारबंद समूह का हाथ था, जिसे सरकार समर्थित ‘डेथ स्क्वाड’ बताया जाता है. एक और मामला मस्तुंग के रहने वाले 18 वर्षीय मुमताज बलोच का है. बताया जा रहा है कि 5 जून को मस्तुंग से ले जाया गया था. आरोप है कि उनके गायब होने में फ्रंटियर कॉर्प्स और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) का हाथ था. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.

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क्वेटा का शख्स वापस घर लौटा

दूसरी ओर, क्वेटा के सरियाब इलाके के रहने वाले मलिक अली नवाज बलोच 3 अक्टूबर को अपने परिवार के पास लौट आए. वे कथित तौर पर एक दिन पहले 2 अक्टूबर को गायब हो गए थे. इन ताजा मामलों ने बलूचिस्तान में जबरन लोगों को गायब किए जाने की पुरानी समस्या की ओर ध्यान खींचा है. परिवार और मानवाधिकार संगठनों ने बार-बार पाकिस्तानी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों पर आरोप लगाया कि वे बिना किसी प्रक्रिया के लोगों को हिरासत में लेते हैं और फिर उन्हें बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट देते हैं.

द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) के मानवाधिकार विभाग ने 2026 के शुरुआती छह महीनों में जबरन गायब किए जाने के 507 कथित मामलों को दर्ज किया. इनमें सबसे ज्यादा मामले क्वेटा और केच में मामले सामने आए.

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News Source: ANI

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