BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच से साझा घोषणा-पत्र जारी कर दिया गया है. इसमें ब्रिक्स देशों ने एक सुर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता दिखाई है. शनिवार को सदस्य देशों ने भारत की उस मांग का पूरी तरह समर्थन किया, जिसमें किसी भी तरह के आतंकवाद के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाने और इस खतरे से निपटने के लिए दोहरे मापदंडों को छोड़ने की बात कही गई है. साथ ही ब्रिक्स के शीर्ष नेताओं ने आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई है.
ब्रिक्स देशों ने की पहलगाम हमले की निंदा
समूह ने अपने घोषणा-पत्र में पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी. ब्रिक्स सदस्यों देशों का कहना है कि हम आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं. इस घोषणा-पत्र में आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही, आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग और उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मिलना शामिल है. समूह ने कहा कि हम फिर से कहते हैं कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. लेकिन यह जरूरी है कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. साथ ही संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सजा दिलाई जानी चाहिए.
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दोहरे मापदंडों को खारिज करने का आग्रह किया
समूह ने इस बात पर जोर दिया कि हम आतंकवाद के प्रति जीरो-टॉलरेंस सुनिश्चित करने और आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंडों को खारिज करने का आग्रह करते हैं. ब्रिक्स ने यह भी कहा कि आतंकवाद से निपटने में देशों की मुख्य जिम्मेदारी है. साथ ही आतंकवादी खतरों को रोकने और उनसे निपटने के लिए वैश्विक प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए.
आतंकी घटना एक आपराधिक कृत्य
घोषणा-पत्र में कहा गया है कि हम आतंकवाद की किसी भी घटना की कड़ी निंदा करते हैं और इस आपराधिक कृत्य मानते हैं. चाहे आंतकी घटना का मकसद कुछ भी हो और चाहे कहीं भी घटित हुई हों. साथ ही हम 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुआ आतंकवादी हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोग मारे गए थे और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे.
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News Source: PTI
