Donald Trump: पश्चिम एशिया में जारी तनाव को जल्द से जल्द खत्म करने की तैयारी जोरों पर दिख रही है. 28 फरवरी से ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस संघर्ष को अब समाप्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता को लेकर पाकिस्तान व कतर अपनी भूमिका भी निभा रहे हैं.
इस बीच अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौता व डील को लेकर एक बड़ा अपडेट व बयान दिया है. उन्होंने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर शेयर की है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा है, “ईरान के इस्लामी गणराज्य के साथ बातचीत बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है! यह या तो सभी के लिए एक ‘शानदार समझौता’ होगा, या फिर कोई समझौता होगा ही नहीं.” ट्रंप का यह हालिया बयान दुनिया में चर्चा का विषय बन चुका है.
अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए- ट्रंप
मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ बातचीत “अच्छी तरह” आगे बढ़ रही है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि तेहरान द्वारा अपने सर्वोच्च नेता से सलाह करने के लिए उपयोग किए जाने वाले जटिल संचार नेटवर्क के कारण अंतिम निर्णय में कुछ समय लग सकता है. ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में, अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल देशों को अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए, जो इजरायल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से संबंधित है.
उन्होंने कहा कि ईरान का इन समझौतों पर हस्ताक्षर करना सम्मान की बात होगी. ट्रंप ने कहा, “अमेरिका द्वारा इस बेहद जटिल पहेली को सुलझाने के लिए किए गए सभी प्रयासों के बाद, यह अनिवार्य होना चाहिए कि ये सभी देश कम से कम एक साथ अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करें.” उन्होंने आगे कहा कि अगर एक या दो देशों के पास ऐसा न करने का कोई कारण हो तो इसे स्वीकार किया जा सकता है. वार्ताकारों में, यूएई और बहरीन पहले से ही समझौते के सदस्य हैं और ट्रंप को उम्मीद है कि सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन भी इस पर हस्ताक्षर करेंगे.

ट्रंप ने कहा, “मैं सभी देशों से अनिवार्य रूप से अनुरोध करता हूं कि वे तुरंत ‘अब्राहम समझौते’ (Abraham Accords) पर हस्ताक्षर करें; और यदि ईरान भी मेरे साथ—संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर—अपने समझौते पर हस्ताक्षर करता है, तो इस बेजोड़ वैश्विक गठबंधन का हिस्सा बनना उनके लिए भी एक सम्मान की बात होगी. मध्य-पूर्व एकजुट, शक्तिशाली और आर्थिक रूप से इतना मजबूत होगा—शायद दुनिया के किसी भी अन्य क्षेत्र से कहीं ज्यादा! इस ‘सत्य’ की एक प्रति के माध्यम से, मैं अपने प्रतिनिधियों से आग्रह करता हूं कि वे इन देशों को पहले से ही ऐतिहासिक ‘अब्राहम समझौते’ में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करें और उसे सफलतापूर्वक संपन्न करें.”
क्या है Abraham Accords?
अब्राहम समझौता (Abraham Accords) की बात करें तो यह शांति समझौते की एक सीरीज है, जो 2020 में हुई थी. इसका उद्देश्य इजरायल और अन्य अरब देशों के बीच राजनयिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को सामान्य व सुरक्षित बनाना है. बताया जाता है कि इस डील का नाम इस्लाम, यहूदी और ईसाई धर्म के संयुक्त पैगंबर अब्राहम(इब्राहीम) के नाम पर रखा गया था, जो इन तीनों धर्मों के बीच एकता, बातचीत और भाईचारे को बनाए रखने में मजबूती प्रदान करता है. इस डील को साल 2020 में अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने की थी. इस समझौते पर साल 2020 में ही यूएई और बहरीन साइन कर चुके हैं. ट्रंप ईरान के साथ अन्य देशों को भी इसपर साइन करने की बात कह रहे हैं.
सर्वोच्च नेता मौजूदा मसौदा समझौते पर सहमत- अधिकारी
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई एक खुफिया/अज्ञात स्थान से काम कर रहे हैं. वहां से बाहरी दुनिया से उनका संपर्क बहुत कम है. उनसे केवल कुछ चुनिंदे लोगों के एक जटिल जाल के माध्यम से ही संपर्क किया जा सकता है. जब अमेरिका प्रस्तावित जानकारी भेजता है, तो तेहरान के अधिकारियों को सर्वोच्च नेता तक पहुंचने में समय लगता है, जिससे संभावित प्रतिक्रिया में देरी होती है. प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि सर्वोच्च नेता मौजूदा मसौदा समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं और ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया कि उन्हें अगले कुछ दिनों में अंतिम निर्णय मिलने की उम्मीद है.
News Source: PTI
