Home Top News ‘डील से फर्क नहीं पड़ता’, शांति वार्ता फेल होने के बाद क्या करेंगे ट्रंप, अटैक या डेडलाइन गेम?

‘डील से फर्क नहीं पड़ता’, शांति वार्ता फेल होने के बाद क्या करेंगे ट्रंप, अटैक या डेडलाइन गेम?

by Neha Singh 12 April 2026, 11:00 AM IST (Updated 13 April 2026, 12:05 PM IST)
12 April 2026, 11:00 AM IST (Updated 13 April 2026, 12:05 PM IST)
Donald Trump

Donald Trump’s Next Move: 21 घंटों की लंबी चर्चा के बाद ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता फेल हो चुकी है. इस बीच सबसे बड़ा सवाल है कि लगातार ईरान को धमकियां देने वाले राष्ट्रपति ट्रंप अब क्या करेंगे, क्योंकि ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें डील से कोई फर्क नहीं पड़ता.

12 April, 2026

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता फेल हो चुकी है. इस समझौते पर पूरी दुनिया की नजर थी, लेकिन दोनों पक्षों में सहमति न बन पाने के कारण यह शांति वार्ता बुरी तरह से फेल हो चुकी है. 21 घंटों की लंबी चर्चा के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद से रवाना हो चुके हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान ने शर्तें नहीं मानी है. एक तरफ ईरान अपनी शर्तों पर अडिग है, तो वहीं अमेरिका भी झुकने को तैयार नहीं है. इस बीच सबसे बड़ा सवाल है कि लगातार ईरान को धमकियां देने वाले राष्ट्रपति ट्रंप अब क्या करेंगे. क्या वे ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेंगे या एक बार फिर से अपना डेडलाइन गेम शुरू करेंगे.

न्यूक्लियर हथियार पर अड़ी बात

अमेरिका ईरान की पूरी लड़ाई न्यूक्लियर हथियारों पर ही केंद्रित है और इसी कारण शुरू हुई थी. अमेरिका और इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करने देना चाहते, जिसके लिए ईरान अभी राजी नहीं है. बातचीत के बाद जेडी वेंस ने कहा, ईरान को “न्यूक” हासिल करने से रोकना राष्ट्रपति ट्रंप का मकसद था और हमने इन बातचीत के जरिए यही हासिल करने की कोशिश की.” इसके अलावा ईरान की शर्तों में होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल, ईरान पर लगे प्रतिबंध और ईरान के सहयोगियों के खिलाफ पूरी तरह से युद्ध खत्म करना शामिल है. इन सभी मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है.

21 अप्रैल को खत्म होगा सीजफायर

शांति वार्ता के दौरान ट्रंप ने कहा था कि ‘डील हो या न हो, जीत हमारी ही होगी, इससे उनकी पोजीशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्तों का सीजफायर चल रहा है, जिसकी आखिरी तारीख 21 अप्रैल, 2026 है. यह शॉर्ट टर्म सीजफायर तब हुआ था जब ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मूज न खोलने पर लगातार ईरान को चेतावनी दे रहे थे. उन्होंने कहा था वे ईरान 48 घंटों में होर्मुज नहीं खोलता है तो वे ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करके पूरे देश में तबाही मचा देंगे. ट्रंप की यह चेतावनी पहली नहीं थी, वे इससे पहले भी 4-5 बार यही धमकी दे चुके हैं.

क्या करेंगे ट्रंप

अब शांति वार्ता फेल होने के बाद संभावना है कि ट्रंप 21 अप्रैल को अपनी धमकियों को अंजाम दें या एक नई डेडलाइन जारी कर दें. संभावना यह भी है कि ट्रंप 21 अप्रैल से पहले ही सीजफायर तोड़कर हमले शुरू कर दें. आगे की संभावित कार्रवाई में ईरान के जरूरी ठिकानों को टारगेट करना शामिल हो सकता है. खास तौर पर, न्यूक्लियर साइट्स, पावर प्लांट्स और स्ट्रेटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर एयरस्ट्राइक तेज किए जा सकते हैं. इसके अलावा, अगर जरूरी हुआ, तो ईरान की मिलिट्री और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को कमजोर करने के लिए एक ग्राउंड ऑपरेशन भी शुरू किया जा सकता है.

इस पूरे डेवलपमेंट में इजरायल की भूमिका भी अहम है. बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ कैंपेन अभी खत्म नहीं हुआ है. उनका फोकस ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को खत्म करने पर है, चाहे डिप्लोमेसी से हो या मिलिट्री एक्शन से. इसके अलावा वे पहले ही कह चुके हैं कि लेबनान में हमले जारी रहेंगे और उन्हें सीजफायर से कोई फर्क नहीं पड़ता.

यह भी पढ़ें- विफल हो गई शांति वार्ता, ‘ईरान ने नहीं मानी US की शर्तें’, 21 घंटे की बातचीत के बाद बाले जेडी वेंस

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?