Earthquake: इंडोनेशिया मंगलवार को भीषण भूकंप से दहल गया. भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई. दहशत में लोग घरों से बाहर भाग गए. मंगलवार को मध्य इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप के एक हिस्से में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे कुछ जगहों पर भारी नुकसान हुआ. सुलावेसी के लोग डर गए जो आठ साल पहले भूकंप और सुनामी से बुरी तरह प्रभावित हुआ था. तेज़ झटकों के कारण पालू शहर और उसके आस-पास के लोग खुले इलाकों की ओर भागने लगे. पालू मध्य सुलावेसी प्रांत की राजधानी है और यहां लगभग 4 लाख लोग रहते हैं.
इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त
सुरक्षा के तौर पर कई अस्पतालों ने मरीजों को बाहर निकाला. कुछ मरीज़ों को IV ड्रिप लगी हुई थी. भूकंप से इलाके में काफी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. छतें गिर गईं. दीवारें टूट गईं. सड़कों पर मलबा बिखरा पड़ा था. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी ने कहा कि नुकसान, संभावित हताहतों और विस्थापित लोगों के बारे में जानकारी अभी जुटाई जा रही है. पालू के एक फोर स्टार होटल के जनरल मैनेजर एफेंडी नताली ने कहा कि हमने होटल से सभी मेहमानों को बाहर निकाल लिया है, जिनमें वे मेहमान भी शामिल हैं जो अपने कमरों में ही रह गए थे. नताली ने कहा कि वे सभी घबरा गए थे लेकिन सभी सुरक्षित हैं. उन्होंने यह भी बताया कि होटल को केवल मामूली नुकसान हुआ है.
शुरुआती भूकंप का केंद्र पालु से 43 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था और US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, यह लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था. इसके बाद कई झटके महसूस किए गए, जिनमें सबसे तेज़ झटका 5.2 तीव्रता का था. एहतियात के तौर पर लोग तटीय इलाकों से दूर चले गए, क्योंकि उन्हें डर था कि भूकंप से सुनामी आ सकती है. इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भू-भौतिकी एजेंसी ने कहा कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन चेतावनी दी कि झटके जारी रह सकते हैं.
दहशत में पालु के लोग
पालु के निवासी मुख्तार अहमद ने कहा कि भूकंप के झटके बहुत तेज़ थे. हम पहले आए भूकंप से अभी भी सदमे में हैं, इसलिए हमने बाहर ही रहने का फैसला किया क्योंकि हमें डर है कि झटके जारी रह सकते हैं. इंडोनेशिया कई भूकंपीय फॉल्ट (ज़मीन के नीचे की दरारों) के ऊपर स्थित है. यहां भूकंप और ज्वालामुखी की गतिविधियां आम हैं. सुलावेसी के कई लोग 2018 में आए 7.5 तीव्रता वाले भूकंप को आज भी नहीं भूल पाए हैं.
इस भूकंप ने पालु शहर को तबाह कर दिया था और इसके कारण 3 मीटर ऊंची सुनामी और ‘लिक्विफैक्शन’ (मिट्टी के धंसने की प्रक्रिया) जैसी घटना हुई थी. इसमें 4,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी. कई लोग तब मलबे में दब गए थे जब ज़मीन धंसने से पूरे के पूरे इलाके उसमें समा गए थे. जनवरी 2021 में, सुलावेसी द्वीप पर मामुजू शहर के पास 6.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई और हज़ारों लोगों को भूकंप के बाद के झटकों के डर से कई दिनों तक खुले आसमान के नीचे सोना पड़ा.
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News Source: PTI
