Haryana News : हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने विदेशों में छिपकर अपराध चला रहे गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस के मुताबिक, अब तक 27 वांछित अपराधियों को डिपोर्ट या एक्सट्रेडिशन के जरिए विदेश से भारत लाया जा चुका है. इनमें 2025 में 7 और 2026 में अब तक 14 अपराधी शामिल हैं. हाल ही में STF ने एक वांछित अपराधी को 4 अगस्त 2026 को UAE से डिपोर्ट कर भारत लाया. पुलिस के अनुसार, 2026 में यह हरियाणा STF की 13वीं सफल डिपोर्टेशन है.
विदेश में बैठकर अपराध चलाने वालों पर नजर
हरियाणा के DGP अजय सिंघल ने कहा कि पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. विदेश में बैठकर हरियाणा में अपराध करवाने वाले गैंगस्टरों के साथ-साथ उनके यहां मौजूद साथियों, हथियार सप्लायरों और पैसे का इंतजाम करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है. DGP ने कहा कि अपराधी दुनिया के किसी भी हिस्से में छिपा हो, हरियाणा पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है. केंद्रीय एजेंसियों और दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर गैंग के पूरे नेटवर्क को पकड़ने की कोशिश की जा रही है.
12 गैंगस्टरों को भारत लाने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, विदेशों में मौजूद 12 गैंगस्टरों को हिरासत में लिया जा चुका है. अब इन्हें भारत लाने के लिए डिपोर्टेशन और एक्सट्रेडिशन की प्रक्रिया चल रही है. STF विदेश भाग चुके अपराधियों की तलाश के लिए तकनीकी जानकारी के साथ-साथ अपने सूत्रों की मदद भी ले रही है. पुलिस उनकी लोकेशन, यात्रा और आवाजाही की जानकारी जुटा रही है. फर्जी पासपोर्ट और फर्जी पहचान के मामलों की भी जांच की जा रही है.
LOC से लेकर रेड कॉर्नर नोटिस तक कार्रवाई
विदेश भागे अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए हरियाणा पुलिस ने अगस्त 2023 से अब तक कई कदम उठाए हैं. पुलिस के अनुसार, इस दौरान 144 लुक आउट सर्कुलर (LOC), 54 रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) और 53 इंटरपोल रेफरेंस जारी किए गए हैं. इसके अलावा 93 पासपोर्ट रद्द, 9 प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट और 16 एक्सट्रेडिशन रिक्वेस्ट भी भेजी गई हैं. इनका मकसद विदेश में छिपे अपराधियों की पहचान करना, उनकी आवाजाही पर नजर रखना और उन्हें भारत वापस लाना है.
गैंगस्टरों के पैसे के रास्ते पर भी नजर
STF अब सिर्फ अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है. पुलिस गैंग के पैसे के नेटवर्क की भी जांच कर रही है. बैंक खातों में होने वाले लेन-देन के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी और USDT के जरिए होने वाले पैसों के लेन-देन को भी ट्रेस किया जा रहा है. विदेश में छिपे 4 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए प्रत्येक पर 10 हजार अमेरिकी डॉलर इनाम देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है.
सोशल मीडिया और स्थानीय साथियों पर भी नजर
पुलिस विदेश में बैठे गैंगस्टरों के स्थानीय नेटवर्क को भी तोड़ने में जुटी है. उनके शूटरों, साथियों, हथियार सप्लायरों और मददगारों पर कार्रवाई की जा रही है. इसके साथ ही गैंगस्टरों और उनके साथियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है. पुलिस उनके डिजिटल फुटप्रिंट से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे किससे संपर्क में हैं और किस तरह अपने नेटवर्क को चला रहे हैं.
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इन राज्यों की पुलिस के साथ बनाया तालमेल
गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई में हरियाणा पुलिस ने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ भी तालमेल बढ़ाया है. इन राज्यों के बीच गैंगस्टरों, शूटरों, हथियार सप्लायरों और उनके साथियों से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है. जरूरत पड़ने पर अलग-अलग राज्यों में संयुक्त छापेमारी और गिरफ्तारियां भी की जा रही हैं. पुलिस का फोकस ऐसे गैंगों के पूरे नेटवर्क को एक साथ कमजोर करने पर है.
NIA के प्लेटफॉर्म पर भी जानकारी साझा
हरियाणा पुलिस गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क से जुड़ी जानकारी NIA के OCND प्लेटफॉर्म पर भी साझा कर रही है. इसमें गैंग के सदस्यों, उनके आपसी संबंध, हथियार, वाहन, संपर्क और पैसों से जुड़ी जानकारी शामिल है. पुलिस का कहना है कि विदेशों में छिपे गैंगस्टरों की गिरफ्तारी, उनके स्थानीय साथियों पर कार्रवाई, पैसों के नेटवर्क की जांच और दूसरे राज्यों के साथ तालमेल के जरिए संगठित अपराध पर एक साथ वार किया जा रहा है.
