Home Top News H-1B वीजा होल्डर्स के लिए ट्रंप सरकार लाई नया प्रस्ताव, नौकरी जाने के बाद छोड़ना होगा US!

H-1B वीजा होल्डर्स के लिए ट्रंप सरकार लाई नया प्रस्ताव, नौकरी जाने के बाद छोड़ना होगा US!

by Neha Singh 11 September 2026, 1:08 PM IST
11 September 2026, 1:08 PM IST
H-1B Visa Rule

H-1B Visa Rule: अमेरिकी सरकार ने H-1B वीजा होल्डर्स के लिए लगातार नए सख्त नियम लेकर आ रही है. अब ट्रंप सरकार ने नौकरी खत्म होने के बाद मिलने वाले 60 दिन के ग्रेस पीरियड को खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया है. यह नया प्रस्ताव, जिसका टाइटल “डिस्क्रिशनरी 60-दिन के ग्रेस पीरियड को खत्म करना” है, शुक्रवार को फेडरल रजिस्टर में पब्लिश किया जाएगा. इसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) लोगों और संस्थाओं से अगले 60 दिनों के अंदर इस प्रस्ताव पर अपनी राय देने के लिए कहेगी. अगर यह बिल कानून बन जाता है, तो यह टेक कंपनियों और दूसरे विदेशी वर्कर्स पर काफी असर डाल सकता है, जिसमें H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय टेक्नोलॉजी वर्कर भी शामिल हैं.

हजारों भारतीय वर्कर्स को लग सकता है झटका

H-1B वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विदेशी वर्कर्स को हायर करने की इजाजत देता है जिनकी नौकरियों के लिए खास थ्योरेटिकल या टेक्निकल नॉलेज और एक्सपर्टीज की जरूरत होती है. अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों स्किल्ड वर्कर्स को हायर करने के लिए H-1B वीजा पर निर्भर रहती हैं. अगर नया प्रस्ताव कानून बन जाता है, तो जिन विदेशी वर्कर्स की नौकरी चली जाती है, उनके लिए अमेरिका में रहते हुए दूसरी नौकरी ढूंढना और भी मुश्किल हो जाएगा.

NTA जारी करने का खतरा

इस प्रस्ताव के तहत, नौकरी छूटने के बाद E-1, E-2, E-3, H-1B, H-1B1, L-1, O-1, और TN वीजा होल्डर्स जैसे नॉन-इमिग्रेंट वीजा होल्डर्स को दी जाने वाली 60 दिनों तक की डिस्क्रिशनरी छूट खत्म हो जाएगी. यह 60-दिन की छूट ओबामा प्रशासन के दौरान बनाए गए रेगुलेशन के तहत शुरू की गई थी. इसका मकसद उन विदेशी वर्कर्स को नई नौकरी ढूंढने का समय देना था जिनकी नौकरी चली गई थी, बजाय इसके कि उन्हें तुरंत देश छोड़ना पड़े. अपने प्रस्ताव में, DHS ने यह भी माना कि अगर मौजूदा ग्रेस पीरियड खत्म कर दिया जाता है, तो कुछ प्रभावित विदेशी नागरिकों को नोटिस टू अपीयर (NTA) जारी किया जा सकता है. NTA एक ​​नोटिस है जो सरकार को इमिग्रेशन कोर्ट में किसी व्यक्ति के खिलाफ निकालने की प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत देता है.

प्रस्ताव फाइनल हुआ तो क्या होगा?

अगर यह कानून लागू हो जाता है तो जिन विदेशी वर्कर्स की नौकरी चली जाती है, उनके लिए अमेरिका में रहते हुए नई नौकरी ढूंढना मुमकिन नहीं होगा. ऐसे वर्कर को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. अगर उन्हें बाद में किसी दूसरे U.S. एम्प्लॉयर से जॉब ऑफर मिलता है, तो उन्हें U.S. एम्बेसी या कॉन्सुलेट में वीजा के लिए फिर से अप्लाई करना पड़ सकता है. यानी दोबारा पूरी प्रकिया और डबल खर्चे का बोझ झेलना पड़ सकता है.

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News Source: PTI

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