Bab el-Mandeb: सऊदी अरब के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया गया है. हूती विद्रोहियों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के विकल्प के तौर पर देखे जाने वाले बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के अहम द्वीप मयून आइलैंड पर कब्जा कर लिया है. खास बात यह है कि हूती विद्रोहियों के अलावा यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी इस दावे की पुष्टि की है.
मयून द्वीप पर किया कब्जा
अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मयून द्वीप पर कब्जा कर लिया है. सरकारी सेनाएं गुरुवार को वहां से हट गई थीं. एक हूती अधिकारी ने पुष्टि की है कि विद्रोही उस द्वीप पर मौजूद हैं, जिसे पेरिम नाम से भी जाना जाता है. यह यमन के पश्चिमी तट से करीब 3.5 किलोमीटर दूर है. ये सभी बातें दोनों अधिकारी ने बिना नाम न बताने की शर्त पर कही, क्योंकि इन दोनों को मीडिया से बात करने की इजाजत नहीं है.
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दोनों स्ट्रेट पर ईरान की बंदिशें!
अभी तक होर्मुज का विकल्प माना जा रहा बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर हूतियों द्वारा कब्जा कर लिया गया है. अब कहने का मतलब यह है कि इस स्ट्रेट से भी दुनिया भर के मालवाहक जहाज ईरान समर्थित लड़ाकू की प्रमीशन के बिना नहीं गुजरेंगे. एक तरह से ईरान ने दोनों महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे पर अपना कब्जा जमा लिया है. इसी बीच हूती विद्रोहियों का कहना है कि उनका आगे बढ़ना सऊदी अरब के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा है.
कहां पर है बाब अल-मंदेब स्ट्रेट?
आपको बताते चलें कि अरब प्रायद्वीप के दक्षिणी सिरे पर मौजूद बाब अल-मंदेब स्ट्रेट अरब की खाड़ी से लाल सागर को जोड़ने वाला चेकपॉइंट है. यहां से दुनिया का करीब 12 प्रतिशत व्यापार होता है. इसमें ग्लोबल कंटेनर ट्रैफिक का 25 प्रतिशत हिस्सा शामिल है, जो Bab el-Mandeb के संकरे से होकर गुजरता है.
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News Source: PTI
