Home Latest News & Updates Forex Reserves से भरी पड़ी है भारत की तिजोरी, क्या वाकई 785.71 अरब डॉलर के पार पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार?

Forex Reserves से भरी पड़ी है भारत की तिजोरी, क्या वाकई 785.71 अरब डॉलर के पार पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार?

by Preeti Pal 11 September 2026, 6:18 PM IST
11 September 2026, 6:18 PM IST
Forex Reserves से भरी पड़ी है भारत की तिजोरी, क्या वाकई 785.71 अरब डॉलर के पार पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार?

Forex Reserves: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है. देश का विदेशी मुद्रा भंडार यानी फॉरेक्स रिजर्व एक बार फिर रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है. भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के मुताबिक, 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त 44.903 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई. इसके साथ ही कुल भंडार बढ़कर 785.706 अरब डॉलर के नए लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया. इससे पहले वाले हफ्ते में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 11.475 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी. तब ये 740.803 अरब डॉलर के लेवल पर पहुंचा था. यानी लगातार दूसरे हफ्ते देश की विदेशी मुद्रा तिजोरी ने नया रिकॉर्ड बनाया है.

इतनी बड़ी बढ़ोतरी क्यों?

दरअसल, इस साल की शुरुआत में मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ने के बाद भारतीय रुपये पर दबाव आया था. रुपये को संभालने के लिए RBI को विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा. जरूरत पड़ने पर डॉलर की बिक्री भी करनी पड़ी. इसका असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ा और इसमें गिरावट देखने को मिली. हालांकि, जून में RBI की तरफ से कुछ रियायती फॉरेक्स स्वैप पहल की घोषणा के बाद स्थिति बदलने लगी. इस कदम से विदेशी मुद्रा बाजार में नई पूंजी का प्रवाह बढ़ा. अब तक 136 अरब डॉलर से ज्यादा के नए फ्लो आने की बात सामने आई है.

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इस चीज ने दिया सहारा

RBI के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा माने जाने वाले फॉरेन करेंसी एसेट (FCA) में इस हफ्ते 47.498 अरब डॉलर की शानदार बढ़ोतरी हुई. इसके साथ FCA बढ़कर 648.168 अरब डॉलर हो गया. इन संपत्तियों में सिर्फ अमेरिकी डॉलर ही नहीं, बल्कि यूरो, पाउंड और येन जैसी दूसरी विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं. इन मुद्राओं की कीमतों में बदलाव का असर भी डॉलर के हिसाब से दर्ज किए जाने वाले रिजर्व पर पड़ता है.

सोने के भंडार में कमी

जहां विदेशी मुद्रा संपत्तियों ने भंडार को ऊपर पहुंचाया, वहीं इस दौरान भारत के गोल्ड रिजर्व में 2.594 अरब डॉलर की गिरावट आई. अब ये 113.816 अरब डॉलर रह गया. वहीं, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) में मामूली 4 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज हुई. अब ये 18.806 अरब डॉलर है. दूसरी तरफ IMF में भारत की रिजर्व पोजिशन 2 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.916 अरब डॉलर हो गई. यानी रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति के लिए मजबूत संकेत माना जा रहा है.

News Source: PTI

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