Home Top News कुशल और पारदर्शी शासन व्यवस्था बनाने के लिए भारत- दक्षिण कोरिया ने मिलाया हाथ, संबंध होंगे मजबूत

कुशल और पारदर्शी शासन व्यवस्था बनाने के लिए भारत- दक्षिण कोरिया ने मिलाया हाथ, संबंध होंगे मजबूत

by Sanjay Kumar Srivastava 20 June 2026, 5:29 PM IST
20 June 2026, 5:29 PM IST
कुशल और पारदर्शी शासन व्यवस्था बनाने के लिए भारत- दक्षिण कोरिया ने मिलाया हाथ, संबंध होंगे और मजबूत

India-South Korea: भारत और दक्षिण कोरिया ने शनिवार को डिजिटल गवर्नेंस, ई-गवर्नमेंट और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर गहन चर्चा की. यह बातचीत दक्षिण कोरिया के गृह और सुरक्षा मंत्री यून होजुंग और भारत के कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के बीच हुई. कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षमता निर्माण और नागरिक केंद्रित सर्विस डिलीवरी जैसे अहम मुद्दों पर एक घंटे से अधिक समय तक प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की.

जल्द ही समझौता ज्ञापन पर होंगे हस्ताक्षर

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों देश सरकारी इनोवेशन और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देंगे. बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच चर्चा सरकारी सेवाओं के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नई तकनीकों के इस्तेमाल, सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण, गवर्नेंस में नागरिकों की भागीदारी और जन शिकायतों के निवारण में सर्वोत्तम तौर तरीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित थी.

दोनों देशों के बीच रिश्ते आज भी मजबूत

कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल गवर्नेंस, पब्लिक सर्विस डिलीवरी और शिकायत निवारण तंत्र में भारत की महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं, जिनकी मूल्य, विरासत और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता एक जैसी है. उन्होंने कहा कि दोनों देश अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना और उस समय के गया संघ के राजा सुरो के बीच वैवाहिक संबंधों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन मज़बूत रिश्तों का आज भी बहुत महत्व है.

राष्ट्रपति की हालिया यात्रा पर भी चर्चा

सिंह ने राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की हालिया यात्रा के बारे में भी बात की, जिसके परिणामस्वरूप व्यापार और निवेश, बंदरगाह और समुद्री मामले, डिजिटल और फिनटेक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल आदि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भविष्योन्मुखी परिणाम सामने आए हैं. उन्होंने भारत की पहलों जैसे कि CPGRAMS (केंद्रीयकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली) पोर्टल, पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और सेवा वितरण व पारदर्शिता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन प्लेटफॉर्म के उपयोग पर प्रकाश डाला.

कोरिया में भी योग लोकप्रिय

बयान में कहा गया है कि कोरियाई पक्ष ने स्मार्ट गवर्नेंस, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और आपदा व सुरक्षा प्रबंधन में अपने अनुभव साझा किए. दोनों पक्षों ने शासन से जुड़ी उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए लोगों के बीच संपर्क और संस्थागत साझेदारी को मज़बूत करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से ठीक पहले हो रही द्विपक्षीय बातचीत का ज़िक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि कोरिया गणराज्य में योग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. उन्होंने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को योग समारोहों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. बैठक में दोनों नेताओं ने कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने के लिए भारत-कोरिया गणराज्य के बीच सहयोग को और मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

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News Source: PTI

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