Indonesia Phone Tapping: इंडोनेशिया में तीन वरिष्ठ पुलिस जनरलों को राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो और अन्य प्रमुख हस्तियों की कथित अवैध ‘वायरटैपिंग’ (बिना अनुमति जासूसी) के आरोप में हिरासत में लिया गया है.राष्ट्रीय पुलिस की आपराधिक जांच एजेंसी के अनुसार, इन जनरलों पर गैर-कानूनी तरीके से संचार माध्यमों को बीच में रोकने, बिना किसी कानूनी अधिकार या प्रक्रिया के इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों तक पहुंच बनाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से डेटा डिलीट करने के गंभीर आरोप हैं. हिरासत में लिए गए अधिकारियों में पूर्व राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख और राष्ट्रपति के तत्कालीन चीफ ऑफ स्टाफ जनरल लिस्ट्यो सिगित प्राबोवो, पुलिस कानूनी प्रभाग के प्रमुख इन्स्पेक्टर जनरल अहरी सोंता नासूतियोन और इन्स्पेक्टर जनरल एको हादी सांतोसो शामिल हैं. जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह अवैध जासूसी साल 2025 से 2026 के बीच की गई थी.
मंत्रियों, राजनेताओं, पत्रकारों के भी फोन हो रहे थे टेप
आरोपियों ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर राष्ट्रपति, कैबिनेट मंत्रियों, राजनेताओं, पत्रकारों और व्यापारिक दिग्गजों के फोन नंबरों को लॉफुल इंटरसेप्शन मैनेजमेंट सिस्टम (LIMS) में बिना किसी आधिकारिक सत्यापन के डाल दिया था. इसके अलावा, हाल ही में सबूत छिपाने के लिए सिस्टम से इन रिकॉर्ड्स को हटाने का भी आदेश दिया गया था. सरकार ने चेतावनी दी है कि देश के शीर्ष नेतृत्व की ऐसी अनधिकृत जासूसी ‘राजद्रोह या तख्तापलट के प्रयास’ की श्रेणी में आ सकती है. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इंडोनेशिया की सेना राजधानी जकार्ता में 20,000 से अधिक सैनिकों और कर्मियों को तैनात कर रही है. नौसेना संचालन सहायक व वाइस एडमिरल यान सोफियान के अनुसार, राजधानी के बाहर से सैनिकों का आना बुधवार से शुरू होना था, जिससे कुल तैनात कर्मियों की संख्या 20,980 हो जाएगी.
जकार्ता में बढ़ाई गई सुरक्षा
इस नई तैनाती में मरीन और नौसेना इकाइयों के साथ-साथ जावा और लैम्पंग प्रांत के प्रशिक्षण केंद्रों और नौसैनिक अड्डों के सैनिक शामिल हैं. सोफियान ने बताया कि इसके अलावा 13,140 कर्मियों को ‘स्टैंडबाय’ पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें भी तैनात किया जा सके. सोफियान ने इस तैनाती के उद्देश्य के बारे में विस्तार से नहीं बताया. उन्होंने इस सवाल का भी कोई जवाब नहीं दिया कि क्या वायरटैपिंग की जांच और गिरफ्तारियों के बीच जकार्ता में सुरक्षा या राजनीतिक तनाव को लेकर कोई चिंता है. इंडोनेशियाई सशस्त्र बलों के प्रवक्ता मेजर जनरल मुहम्मद नस ने कहा कि सैनिकों की यह तैनाती राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि सेना को पूरे देश की रक्षा करने और इंडोनेशिया गणराज्य की अखंडता की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए.
इलेक्ट्रॉनिक डेटा को डिलीट करने का भी आरोप
मंगलवार देर रात, इंडोनेशियाई पुलिस ने एक टीवी प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि उन्होंने कथित अवैध वायरटैपिंग (चुपके से बातचीत सुनने) की जांच के सिलसिले में तीन वरिष्ठ पुलिस जनरलों को हिरासत में लिया है. पुलिस ने लिस्ट्यो और दो अन्य पुलिस जनरलों अहरी सोंटा नासुतियन और इको हादी सांतोसो को संदिग्ध बताया है. इन पर अवैध रूप से बातचीत सुनने, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बनाने और इलेक्ट्रॉनिक डेटा को डिलीट करने का आरोप है. पुलिस ने बताया कि इन्हें रविवार को हिरासत में लिया गया था.
2025 और 2026 के बीच हुई थी जासूसी
पुलिस का आरोप है कि यह अनधिकृत वायरटैपिंग 2025 और 2026 के बीच हुई थी , उस दौरान लिस्ट्यो इंडोनेशिया के पुलिस प्रमुख थे और संदिग्धों ने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना ही वायरटैपिंग का आदेश दिया था. संदिग्धों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अक्टूबर के अंत में उन फाइलों को डिलीट करने का आदेश दिया था, जिनमें अवैध रूप से सुनी गई बातचीत का डेटा था. माना जा रहा है कि ऐसा सबूत छिपाने और इस ऑपरेशन के निशान मिटाने के लिए किया गया था. इन तीनों संदिग्धों पर निजी इलेक्ट्रॉनिक बातचीत को अवैध रूप से सुनने, रिकॉर्ड करने, मोड़ने, बदलने, उसमें बाधा डालने या उसकी निगरानी करने से जुड़े आरोप लग सकते हैं. इन अपराधों के लिए 10 साल तक की जेल हो सकती है.
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