US Election: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है. डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने रिपब्लिकन पार्टी को कड़ी चुनौती दी है और कई अहम सीटों पर अपना दबदबा कायम किया है. इस चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत हार के तौर पर देखा जा रहा है. ट्रंप ने भी अप्रत्यक्ष रूप से इसे स्वीकार किया है. चुनाव परिणामों पर ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि इन नतीजों से स्पष्ट है कि अमेरिकी जनता युद्ध या टकराव बिल्कुल नहीं चाहती है.
अमेरिकियों ने युद्ध को ‘ना’ कहा
बागेर गालीबाफ ने अपनी एक्स पोस्ट लिखा, चाहे अंतरात्मा की आवाज हो या बढ़ती महंगाई, अमेरिकियों ने ‘युद्ध को ना’ कहा है और हम उनके इस संदेश का समर्थन करते हैं. अगर अमेरिकी सरकार अपनी जनता की इच्छा को दरकिनार करके अंतरराष्ट्रीय ताकतों या ब्लैकमेलरों की सेवा करती है, तो उन्हें पता चल जाएगा कि हमारे ‘ना’ के साथ एक भयानक अंजाम भी जुड़ा है. डेमोक्रेट्स उम्मीदवारों ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी कई सीटों पर भी बढ़त बना ली है. यह बड़ा राजनीतिक बदलाव एक कड़े चुनावी दौरे के बाद आया है, जिससे आर्थिक चिंताएं और विदेशी नीति को लेकर ईरान के साथ चल रहे सैन्य टकराव का मतदाताओं पर गहरा असर पड़ा है.

हाउस ऑफ रेप्रेसेंटेटिव में ड्रेमोक्रेट ने बनाई बढ़त
हाउस की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर हुए इन चुनावों के नतीजे वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन में एक बड़ा बदलाव दिखा रहे हैं. इससे रिपब्लिकन पार्टी का विधायी बहुमत कमजोर हो गया है, जिससे राष्ट्रपति के कार्यकाल के बचे हुए समय में बड़े राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बन सकती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वीकार किया कि रिपब्लिकन पार्टी को एक बड़ा चुनावी झटका लगा है, क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने की संभावना है. उन्होंने विपक्षी पार्टी को उनकी जीत पर बधाई दी और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में खुद उनके न होने की वजह से भी रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा.
अमेरिका में हो सकता है बड़ा सियासी उलटफेर! डेमोक्रेट्स की वापसी के आसार
मालूम हो कि अमेरिकी हाउस ऑफ रेप्रेसेंटेटिव में डेमोक्रेटिक पार्टी को 224 सीटों पर बढ़त हासिल है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 128 सीटों पर आगे है. डेमोक्रेट्स ने अब तक 27 सीटों पर जीत दर्ज की है और रिपब्लिकन की कई सीटों पर भी कब्जा कर लिया है. वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी सीनेट में भी करीब-करीब बहुमत हासिल कर लिया है. पार्टी ने कुल 53 सीटें जीतकर सीनेट पर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है. इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में अपना बहुमत खो दिया है.
मेरे पास वीटो करने की पूरी शक्ति
एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे देश के भले के लिए डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं. हालांकि, इस राजनीतिक बदलाव के कारण उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के आखिरी दो सालों में उनके विधायी एजेंडे पर काफी असर पड़ सकता है. ट्रम्प ने कहा कि डेमोक्रेट्स को बधाई. मैं हमारे देश की भलाई के लिए आपके साथ मिलकर काम करने का इच्छुक हूं. विपक्ष के साथ काम करने की अपनी इच्छा पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मैं कई डेमोक्रेट्स को जानता हूं, मेरे पास वीटो करने की पूरी शक्ति है और मुझे यकीन है कि हम मिलकर कोई रास्ता निकाल लेंगे.

मैं हर बार वीटो नहीं लगाऊंगा
उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि वे भी मेरे साथ मिलकर काम करना चाहेंगे. साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वे किसी भी कानून को वीटो कर सकते हैं. हालांकि, मैं हर चीज पर वीटो लगा देता और वे ऐसा बिल्कुल नहीं चाहेंगे. हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी की हार के कारणों को समझाते हुए ट्रम्प अपने रुख पर अड़े रहे. उन्होंने बार-बार यही कहा कि अगर वे खुद चुनाव मैदान में होते, तो पार्टी का प्रदर्शन बहुत बेहतर होता. उन्होंने कहा यह भी कहा कि मुझे लगता है कि मैं चुनाव मैदान में नहीं था और इस बारे में कुछ किया भी नहीं जा सकता था. अगर मैं होता, तो हम जीत जाते. रिपब्लिकन उम्मीदवारों को मिली हार के बारे में बताते हुए ट्रम्प कहते हैं कि कुछ उम्मीदवार मतदाताओं के बीच लोकप्रिय नहीं थे, जबकि कुछ अन्य को उनका समर्थन हासिल नहीं था.
ट्रंप ने कहा कि कुछ मामलों में लोगों को उम्मीदवार पसंद नहीं आए और कुछ मामलों में वे उम्मीदवार मेरे दोस्त नहीं थे. मेरे समर्थक इस बात को किसी और से बेहतर समझते हैं. इसलिए वे पीछे हट गए. ट्रम्प ने आगे कहा कि अगर वे खुद चुनाव लड़ते, तो रिपब्लिकन उम्मीदवार आसानी से जीत जाते. उन्होंने यह भी कहा कि उनके समर्थकों के बीच मतदान करने वालों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती थी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे नतीजों से निराश हैं, तो राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों की मदद करने के लिए काफी कोशिशें की थीं. मैंने लोगों को चुनाव जिताने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं जीत पाए. उन्होंने कहा कि उन्होंने ‘पूरी कोशिश की’ और ‘मैदान में अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी.’

सत्ता के संतुलन में एक बड़ा बदलाव
राष्ट्रपति की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब अमेरिकी न्यूज नेटवर्क ने डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत का अनुमान लगाया है. साथ ही डेमोक्रेटिक पार्टी ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ पर फिर से नियंत्रण हासिल करने और सीनेट पर भी कब्जा करने की स्थिति में आ गई है. यह वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन में एक बड़ा बदलाव है. डेमोक्रेट्स ने मतदाताओं की भावनाओं का फायदा उठाते हुए एक बड़ी चुनावी जीत हासिल की है. अब वे राष्ट्रपति और उनके प्रशासन पर उनके कार्यकाल के बचे हुए दो वर्षों के दौरान, कहीं ज्यादा कड़ी नज़र रख सकेंगे. हाउस में डेमोक्रेटिक बहुमत प्रशासन की जांच-पड़ताल के लिए रास्ता खोल सकता है. इसमें समितियों की जांच, सुनवाई और समन शामिल हो सकते हैं. वहीं, सीनेट पर नियंत्रण मिलने से डेमोक्रेट्स को विधायी प्रक्रियाओं पर अधिक प्रभाव मिलेगा और वे राष्ट्रपति द्वारा किए गए नामांकनों को रोकने की स्थिति में होंगे. ‘ट्रुथ सोशल’ पर नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रम्प ने एक लाल ‘MAGA’ टोपी की तस्वीर पोस्ट की, जिस पर ‘VETO’ लिखा था. इससे पता चलता है कि डेमोक्रेट्स के नियंत्रण वाली कांग्रेस द्वारा पारित कानूनों के जवाब में वह राष्ट्रपति के ‘वीटो’ अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं.

ट्रंप करेंगे चुनावी नतीजों का विश्लेषण
डोनाल्ड ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में संकेत दिया कि वह चुनावी नतीजों का विश्लेषण करेंगे. साथ ही मैं एक ‘राजनीतिक पंडित’ बनने जा रहा हूं, जो इन उम्मीदवारों की जीत और हार के कारणों का अच्छा और बुरा विश्लेषण करेगा! ट्रम्प ने यह भी कहा कि मैं इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं. हम डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे और उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं. हम शायद कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेंगे. रिपब्लिकन पार्टी के पारंपरिक गढ़ों में डेमोक्रेट्स की जीत काफी चौंकाने वाली रही. पार्टी ने टेक्सास और दक्षिण कैरोलिना में बड़ी सफलता हासिल की. कंसास में सीनेट की ऐतिहासिक जीत दर्ज की. साथ ही उस राज्य में रिपब्लिकन पार्टी का लगभग एक सदी से चला आ रहा दबदबा खत्म हो गया. युवाओं, निर्दलीय मतदाताओं, ग्रामीण मतदाताओं और हिस्पैनिक (लैटिन अमेरिकी मूल के) मतदाताओं ने बड़ी संख्या में रिपब्लिकन पार्टी से दूरी बना ली. इसके पीछे ईरान युद्ध, टैरिफ, महंगाई, राष्ट्रपति के आचरण को लेकर चिंताएं और उनके द्वारा निजी लाभ कमाने की धारणा जैसे कारण थे.
इस बीच ईरान से चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि यह युद्ध पूरी तरह से उनकी शर्तों पर ही खत्म होगा. उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध तब खत्म होगा जब मैं कहूंगा कि यह खत्म हो गया है. यह तभी खत्म होगा जब मैं कहूंगा कि अब इसे खत्म होना है. डेमोक्रेट्स की यह ऐतिहासिक जीत ट्रम्प के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती है. विपक्षी पार्टी कांग्रेस में अपने बहुमत का इस्तेमाल करके उनके प्रशासन की जांच-पड़ताल करने, कानूनों को बदलने और राष्ट्रपति के अधिकारों पर कड़ा अंकुश लगाने की तैयारी कर रही है.
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News Source: ANI
