US Midterm Elections 2026: अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. 2026 के मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल करने का अनुमान जताया जा रहा है. अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज के लिए इतिहास रचने का रास्ता खुल सकता है. वो अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के पहले अफ्रीकी-अमेरिकी स्पीकर बन सकते हैं. CNN और NBC न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेट्स सदन में बहुमत की तरफ बढ़ रहे हैं. NBC न्यूज़ के अनुमान में पार्टी को कम से कम 244 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. हालांकि, अंतिम तस्वीर आधिकारिक नतीजों और सीटों की पुष्टि के बाद ही साफ होगी.
कौन हैं हकीम जेफ्रीज?
56 साल के हकीम जेफ्रीज न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक सांसद हैं. वो लगातार पार्टी में अपनी जगह मजबूत करते आए हैं और आठवीं बार कांग्रेस के लिए चुने गए हैं. फिलहाल वो हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी के अल्पसंख्यक नेता हैं. अगर पार्टी को बहुमत मिलता है, तो जेफ्रीज स्पीकर पद की दौड़ में सबसे आगे होंगे. हालांकि, इसके लिए उन्हें नए सदन में होने वाले औपचारिक मतदान में सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा. नई कांग्रेस की बैठक 3 जनवरी को होनी है.
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इतिहास से जुड़ा मौका
जेफ्रीज का स्पीकर बनना सिर्फ एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं होगा, बल्कि अमेरिकी इतिहास में भी एक अहम पड़ाव होगा. उनके संसदीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों का संबंध नागरिक अधिकार आंदोलन की विरासत से रहा है. इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कभी शर्ली चिशोल्म ने भी किया था, जो अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली पहली अश्वेत महिला थीं. मंगलवार रात वॉशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जेफ्रीज ने कहा कि डेमोक्रेट्स सदन में वापसी के करीब हैं, लेकिन अभी जीत को तय मानना जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा कि पार्टी आखिरी समय तक मेहनत जारी रखेगी.
डेमोक्रेट्स की चर्चा
चुनावी अनुमानों में टेक्सास जैसे पारंपरिक रिपब्लिकन राज्य से भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. CBS न्यूज़ के मुताबिक, टेक्सास के गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार जीना हिनोजोसा रिपब्लिकन ग्रेग एबॉट से आगे चल रही थीं. वहीं, सीनेट चुनाव में जेम्स तालारिको ने केन पैक्सटन पर बढ़त बनाई हुई थी. कंसास में भी सीनेट चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार एडम हैमिल्टन की स्थिति मजबूत बताई गई. ऐसे में अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करते हैं, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर संसदीय निगरानी बढ़ सकती है. जांच समितियों और सरकारी नीतियों पर सवाल उठाने की ताकत भी पार्टी को मिलेगी. फिलहाल सबकी नजर अंतिम नतीजों और जनवरी में होने वाले स्पीकर चुनाव पर है.
News Source: ANI
