Iran-US Tension: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले आठ महीनों से जारी तनाव के बीच एक बार फिर टकराव की आशंका जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि अमेरिका में मिडटर्म चुनावों के बाद अमेरिकी सेना एक बार फिर ईरान पर हमला कर सकती है. इस बार यह हमला पहले की तुलना में अधिक घातक होने की आशंका है. इस संभावित खतरे को देखते हुए ईरान के शीर्ष अधिकारी देश के सैन्य नेतृत्व पर कतर की मध्यस्थता से होने वाले समझौते पर विचार करने के लिए दबाव बना रहे हैं. वहीं, ईरान के आंतरिक आकलन से संकेत मिल रहे हैं कि तेहरान अब अमेरिका के साथ सीधे युद्ध की संभावना को गंभीरता से ले रहा है.
कूटनीतिक समाधान पर दिया जोर
सैन्य मोर्चे पर जारी तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ नेताओं ने कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया. अल-अरबिया ने सूत्रों के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कतरी मध्यस्थों के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने की सलाह दी है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कतर के प्रतिनिधि एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ सीधे तेहरान पहुंचे थे. वहीं, कतरी मध्यस्थ इसलिए प्रस्ताव लेकर पहुंचा था ताकि ईरान का आधिकारिक जवाब ले सकें.
युद्ध से कोई भी फायदा नहीं होता
ईरानी नेता कूटनीतिक रास्ते को खुला रखने पर जोर दे रहे हैं. एक दिन पहले राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनका प्रशासन बाहरी ताकतों द्वारा पैदा की गई समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में काम करेगा. तेहरान में क्षेत्रीय गवर्नरों और मेयरों की एक बैठक को संबोधित करते हुए पेजेशकियन ने बताया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सरकार को कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए कुछ अधिकार दिए हैं. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि युद्ध से कोई समाधान नहीं निकलता है और कहा कि दुश्मन ईरान को घुटने टेकने पर कभी मजबूर नहीं कर पाएगा.
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प्रतिनिधिमंडलों का आना जाना लगा हुआ
इसके अलावा, पेजेशकियन ने वाशिंगटन पर सीमा पार व्यापार में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता के सहयोग और दुश्मनों की साजिश को नाकाम कर दिया जाएगा. इसी बीच विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने सोमवार को कहा कि मौजूदा हालात गंभीर प्रकृति को देखते हुए क्षेत्रीय तनाव को खत्म करने के लिए कतरी मध्यस्थता में बातचीत काफी तेज हो गई है. तुर्कमेनिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडलों का आना जाना लगा हुआ है और फोन पर भी बातचीत हुई है.
होर्मुज को फिर से खोल दिया जाएगा
उन्होंने दोहराया कि तेहरान कूटनीतिक और रक्षा के लिए तैयार है. अगर ईरान की शर्तें मान ली जाती हैं तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल दिया जाएगा. 22 सितंबर को ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को सात बिंदुओं का एक प्रस्ताव भेजा है और इसका मकसद तनाव को खत्म करना शामिल है. अरागची ने कहा कि हम तर्कसंगत बातचीत और विवेक के रास्ते पर चलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. अगर दूसरा पक्ष भी इसी तरह का कदम उठाता है तो हम सकारात्मक बातचीत करने के लिए तैयार है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन की ओर से सैन्य तनाव और बढ़ाया जाता है तो इसका जवाब कहीं अधिक और गंभीर होगा.
News Source: ANI
