ACP Manasvi Vashishth: दिल्ली पुलिस के एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को मंगलवार को गृह मंत्रालय (MHA) ने निलंबित कर दिया. यह कार्रवाई सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई है. मनस्वी वशिष्ठ ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया था. गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि CCS (CCA) नियम, 1965 के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. बता दें कि यह विवाद 23 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली के शाहदरा थाने से शुरू हुआ था. यहां पुलिसकर्मियों और कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों के बीच झड़प की घटना सामने आई थी.
बिना अनुमति के नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की पूरी अवधि के दौरान मनस्वी वशिष्ठ का मुख्यालय दिल्ली रहेगा. अधिकारी को सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की मनाही है. साथ ही यह भी आदेश दिया गया है कि जब तक यह आदेश लागू रहेगा और अब उनका कार्य मुख्यालय में होगा. वे सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. इसके अलावा, निलंबन की अवधि के दौरान अधिकारी को ‘निर्वाह भत्ता’ (Subsistence Allowance) पाने का अधिकार होगा. यह भत्ता उस ‘छुट्टी वेतन’ के बराबर होगा, जो उन्हें ‘आधी औसत वेतन’ या ‘आधे वेतन’ पर छुट्टी लेने की स्थिति में मिलता है. साथ ही उन्हें देय ‘महंगाई भत्ता’ (DA) भी मिलेगा.
ऐसे शुरू हुई झगड़े की शुरुआत
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआती एक आम नागरिक और वकील के बीच झगड़े से हुई थी. दोनों पक्ष शाहदरा थाने पहुंचे थे जहां मारपीट की स्थिति बन गई. इस दौरान एसपीसी पर पिस्तौल दिखाने के भी आरोप लगे. मामला बढ़ने पर एसीपी और एसएचओ का तबादला कर दिया गया. इसी से नाराज होकर एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने करीब 50 पुलिसकर्मियों के साथ पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था.
वकीलों ने शुरु कर दी थी हड़ताल
पूरे विवाद की नींव शाहदरा थाने में हुई झड़प के साथ शुरु हुई और इस दौरान वकील ललित बंसल को सिर में चोट लग गई. साथ ही वकीलों ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकी देने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकाल हड़ताल शुरू कर दी. हालांकि, पुलिस इस घटना को लेकर कहना था कि एसीपी अपनी सर्विस पिस्टल को बदल रहे थे और यही वजह थी कि उनके हाथ में पिस्टल थी.
पुलिस प्रशासन एसीपी का ट्रांसफर किया
मामला बढ़ता देख और वकीलों के भारी दबाव में आकर पुलिस प्रशासन ने 28 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस प्रशासन ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को गांधी पद से हटाकर ‘स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रन’ (SPUWAC) में ट्रांसफर कर दिया. दूसरी ओर, एसएचओ अरुण कुमार का तबादला सिक्योरिटी ब्रांच में कर दिया. इसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली.
वहीं, ACP और SHO पर एक्शन के बाद पुलिसकर्मियों के बीच में नाराजगी बढ़ गई. वहीं, एसीपी और दिल्ली पुलिस के कई जवान जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हुए. यहां पर वकीलों के साथ हुई झड़प के बाद के हालात को लेकर उन्होंने पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से मुलाकात की मांग की. इस दौरान जब उन्हें मुख्यालय में घुसने नहीं दिया गया तो उन्होंने वहां पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और यही वजह रही कि गृह मंत्रालय ने उनके ऊपर कार्रवाई की है.
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News Source: ANI
