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लेबनान में भीषण युद्ध के बाद सीजफायर, इजरायल और हिजबुल्लाह ने जताई सहमति

by Amit Dubey 20 June 2026, 7:56 AM IST
20 June 2026, 7:56 AM IST
Israel and Hezbollah Ceasefire

Israel and Hezbollah Ceasefire: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को रोकने के लिए बीते दिनों ईरान और अमेरिका के बीच एक अंतरिम समझौते पर डिजिटली हस्ताक्षर किया गया था. इसे अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियान ने किया था. हालांकि, लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी युद्ध ने डील के अगले कदम को कुछ समय के लिए बाधित कर दिया. प्लान था कि पाकिस्तान और सह-मध्यस्थ कतर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेंगे, लेकिन इस हमले ने इसमें देरी करा दी है.

इस बीच पश्चिम एशिया समेत लेबनान को लेकर भी एक अच्छी खबर सामने आई है. मिली जानकारी के अनुसार, लेबनान में भीषण युद्ध के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह अब सीजफायर पर सहमत हो गए हैं. इससे उम्मीद की जा रही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते को लेकर बाकी की बची प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जा सकता है.

51 लोगों की मौत के बाद सीजफायर

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के अधिकारियों ने बताया कि इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में चल रही भीषण लड़ाई को रोकने पर सहमति जताई है. यह सीजफायर लेबनान में हुई भीषण गोलीबारी के बाद हुआ है, जिसमें 47 लोग और चार इजरायली सैनिक मारे गए. इस संघर्ष की वजह से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते के टूटने का खतरा मंडरा रहा था. हालांकि, इजरायल और हिजबुल्लाह दोनों ने ही तत्काल इस युद्धविराम की पुष्टि नहीं की.

हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में किया हमला

जानकारी के अनुसार, तेज संघर्ष शुरू होने के कुछ ही समय बाद हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच युद्ध छिड़ गया. हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में आम लोगों की बस्तियों पर रॉकेट और ड्रोन दागे, जबकि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के बड़े इलाकों पर कब्जा कर लिया. हिजबुल्लाह के हमले पर इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा, “जबकि हिजबुल्लाह संघर्ष-विराम का उल्लंघन करने और अस्थिरता पैदा करने पर आमादा है. हम अपने नागरिकों की सुरक्षा करने और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

ईरान-अमेरिका डील पर मंडराया था खतरा

बता दें कि ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया गया है, जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर दिया था. इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था तेल और प्राकृतिक गैस की महत्वपूर्ण आपूर्ति से वंचित हो गई थी. इस समझौते से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत भी फिर से शुरू होगी, जो वह मूल मुद्दा है जिसके चलते इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को युद्ध शुरू किया था.

लेकिन यह समझौता पहले से ही खतरों का सामना कर रहा है. मुख्य रूप से लेबनान से, जहां चल रही लड़ाई के कारण स्विट्जरलैंड में शुक्रवार को होने वाली वार्ता में देरी हो रही है. समझौते में लेबनान में सैन्य अभियानों को रोकने और उसकी संप्रभुता का सम्मान करने का प्रावधान है. इस समझौते में न तो इजरायल और न ही हिजबुल्ला शामिल हैं. हालांकि, इजरायल और हिजबुल्लाह के हालिया सीजफायर से ईरान और अमेरिका के बीच इस डील को अच्छे से पूरी होने की उम्मीद है.

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News Source: PTI

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