Home Latest News & Updates न्यू मैक्सिको कोर्ट ने Meta को दिया बड़ा झटका, बच्चों की सुरक्षा में चूक पर लगाया 5000 करोड़ का जुर्माना

न्यू मैक्सिको कोर्ट ने Meta को दिया बड़ा झटका, बच्चों की सुरक्षा में चूक पर लगाया 5000 करोड़ का जुर्माना

by Neha Singh 7 August 2026, 9:44 AM IST
7 August 2026, 9:44 AM IST
Meta Child Safety Fine

Meta Child Safety Fine: अमेरिका की न्यू मैक्सिको कोर्ट ने इंस्टाग्राम और फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने मेटा को USD 567 मिलियन का जुर्माना देने का आदेश दिया है. भारतीय रुपए में यह रकम करीब 5404 करोड़ हो जाती है. गुरुवार देर रात एक फैसले में, जज ब्रायन बिडचेड ने यह आदेश दिया और कहा कि ज़्यादातर पैसा ( USD 420 मिलियन) उन युवाओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें नुकसान पहुंचा है. बाकी पैसा अगले पांच सालों में जागरूकता और रोकथाम, स्क्रीनिंग सर्विस और अन्य चीजों पर खर्च किया जाएगा. कोर्ट का मानना ​​है कि डिजिटल दुनिया में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा सिर्फ परिवारों की ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया कंपनियों की भी जिम्मेदारी है.

कोर्ट के आदेश

यह केस पहले ही मेटा के लिए एक बड़ा झटका साबित हो चुका है. ट्रायल के पहले फेज में, जूरी ने कंपनी पर $375 मिलियन की सिविल पेनल्टी लगाई थी. जूरी इस बात से सहमत हुई कि मेटा को बच्चों और किशोरों की मेंटल हेल्थ पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में पता था. कोर्ट ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण के खतरों के बारे में पूरी जानकारी देने में नाकाम रही और नियमों में ढिलाई बरती.

ट्रायल के दूसरे फेज में, अभियोजन पक्ष ने मेटा के प्लेटफॉर्म में कई बुनियादी बदलावों की मांग की. कोर्ट ने कुछ बड़े बदलावों को लागू करने का भी आदेश दिया. अब फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इन्फॉर्मेशन पैनल और बैनर बनाए जाएंगे, जो यूजर्स को सेफ्टी फीचर्स, प्राइवेसी ऑप्शन, गलत कमेंट्स से कैसे निपटें और सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में रेगुलर जानकारी देंगे. राज्य प्रशासन न्यू मैक्सिको में चलाए जा रहे अवेयरनेस कैंपेन का भी रिव्यू करेगा.

गलत तरीक से उम्र वेरिफाई करने की इजाजत नहीं

कोर्ट ने कहा कि COPPA, जो US में बच्चों का ऑनलाइन प्राइवेसी कानून है, मेटा को 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए उम्र का वेरिफिकेशन जरूरी करने की इजाजत नहीं देता है. कानून के तहत, कंपनी सिर्फ उम्र के वेरिफिकेशन के लिए बच्चों से पर्सनल जानकारी नहीं मांग सकती या उनकी ऑनलाइन एक्टिविटीज पर नजर नहीं रख सकती. कोर्ट ने यह भी कहा कि मेटा को बच्चों की उम्र वेरिफाई करने के लिए कहना, जबकि दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों पर ऐसा नियम लागू नहीं करना, गैर-बराबरी और गलत बर्ताव होगा.

मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा को अल्टीमेटम: मार्क जुकरबर्ग तीन दिन में बिना शर्त मांगें माफी

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?